By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर। महिलाओं की समस्याओं के त्वरित समाधान और उन्हें न्याय दिलाने के उद्देश्य से शुक्रवार को देवघर समाहरणालय सभागार में “राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार” पहल के तहत विशेष जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस जनसुनवाई की अध्यक्षता विजया रहाटकर ने की। कार्यक्रम के दौरान जिले की विभिन्न महिलाओं ने अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के समक्ष रखीं और उनके समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

कार्यक्रम में जिला प्रशासन की ओर से नमन प्रियेश लकड़ा (उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी) और सौरभ (पुलिस अधीक्षक) भी मौजूद रहे। इसके अलावा जिला स्तर के कई अधिकारी, महिला प्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों से जुड़ी महिलाएं भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।
महिलाओं की शिकायतों को प्राथमिकता से सुना गया
जनसुनवाई के दौरान घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, संपत्ति विवाद, पारिवारिक विवाद, सामाजिक उत्पीड़न तथा अन्य महिला उत्पीड़न से जुड़े कई मामलों को विस्तार से सुना गया। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने प्रत्येक मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित जांच कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को न्याय दिलाना और उनकी समस्याओं का समाधान करना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस तरह की जनसुनवाई कार्यक्रमों का उद्देश्य यही है कि महिलाएं बिना किसी भय के अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन और आयोग के सामने रख सकें।

“राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार” पहल का उद्देश्य
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि “राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार” पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की शिकायतों का त्वरित निवारण सुनिश्चित करना है। इसके तहत आयोग की टीम विभिन्न जिलों में जाकर महिलाओं की समस्याएं सुनती है और मौके पर ही उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करती है। इस पहल के माध्यम से महिलाओं को अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के समक्ष रखने का अवसर मिलता है। साथ ही इससे न्याय तक उनकी पहुंच को मजबूत बनाने में भी मदद मिलती है। कई बार महिलाएं अपनी समस्याओं को लेकर दूर-दराज के कार्यालयों तक नहीं पहुंच पाती हैं, ऐसे में इस प्रकार के कार्यक्रम उनके लिए काफी उपयोगी साबित होते हैं।

प्रशासन और पुलिस की सक्रिय भागीदारी
जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की सक्रिय भूमिका भी देखने को मिली। उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए हर संभव सहायता प्रदान की जाए। वहीं पुलिस अधीक्षक सौरभ ने कहा कि महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों को पुलिस गंभीरता से लेती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाती है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।

महिलाओं को जागरूक होने की जरूरत
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण तभी संभव है जब वे अपने अधिकारों को समझें और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार काम कर रहा है। आयोग का प्रयास है कि महिलाओं को न्याय दिलाने की प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाया जाए।

स्थानीय स्तर पर समाधान पर जोर
जनसुनवाई के दौरान कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। कुछ मामलों में संबंधित विभागों को रिपोर्ट प्रस्तुत करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इस तरह के कार्यक्रमों से न केवल महिलाओं की समस्याओं का समाधान होता है बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास भी मजबूत होता है।

कई अधिकारी और सदस्य रहे उपस्थित
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय महिला आयोग के सदस्य, जिला स्तर के विभिन्न विभागों के अधिकारी, महिला प्रतिनिधि तथा सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग उपस्थित रहे। सभी ने महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और उनके समाधान के लिए सहयोग करने का आश्वासन दिया। जनसुनवाई कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर प्रशासन की ओर से भी संतोष व्यक्त किया गया। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी महिलाओं से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
इस कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित करना समाज और प्रशासन की साझा जिम्मेदारी है। “राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार” पहल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

