By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर। दिल्ली से देवघर पहुंचे गोड्डा लोकसभा क्षेत्र के सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता और लोकसभा सांसद राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। सांसद दुबे ने राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द करने को लेकर लोकसभा में सब्सटेंटिव मोशन (Substantive Motion) पेश करने की पुष्टि की है। देवघर में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने राहुल गांधी पर देश और संविधानिक संस्थाओं के खिलाफ काम करने का गंभीर आरोप लगाया।

सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि राहुल गांधी की राजनीति देश को बांटने वाली और खतरनाक साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी समाज को बैकवर्ड-फॉरवर्ड, अनुसूचित जाति-जनजाति, महिला-पुरुष, भाषा, क्षेत्र और परिसीमन जैसे मुद्दों के नाम पर विभाजित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को भी लगातार चुनौती देते रहे हैं।

संसद में पेश किया गया सब्सटेंटिव मोशन
निशिकांत दुबे ने कहा कि उन्होंने लोकसभा में एक सब्सटेंटिव मोशन पेश किया है, जिसमें राहुल गांधी की सदस्यता समाप्त करने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि संसद को अपने सदस्यों के आचरण की समीक्षा करने और आवश्यक कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है।
उन्होंने कहा,
“मैंने लोकसभा में नियमों के तहत सब्सटेंटिव मोशन पेश किया है। संसद के पास यह अधिकार है कि यदि कोई सदस्य संविधानिक मर्यादाओं और राष्ट्रीय हितों के खिलाफ काम करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।”

उन्होंने यह भी कहा कि यह पहली बार नहीं है जब इस तरह का मोशन लाया गया है। संसद के इतिहास में ऐसे कई उदाहरण मौजूद हैं, जब सांसदों की सदस्यता सब्सटेंटिव मोशन के आधार पर समाप्त की गई है।
राहुल गांधी पर गंभीर आरोप, सबूत पेश करने की बात
सांसद दुबे ने दावा किया कि उनके पास राहुल गांधी से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि यदि लोकसभा अध्यक्ष उनके मोशन को स्वीकार करते हैं, तो वह सभी साक्ष्य संसद के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
उन्होंने कहा,
“मेरे पास कई दस्तावेज हैं, जिनमें उनके विदेशी दौरों, अंतरराष्ट्रीय व्यक्तियों से मुलाकात और कुछ संस्थाओं से उनके संबंधों से जुड़ी जानकारी शामिल है। यदि स्पीकर साहब मेरे मोशन को स्वीकार करते हैं, तो मैं संसद में सभी साक्ष्य प्रस्तुत करूंगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है और संसद के पास अपने सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है।
संवैधानिक संस्थाओं पर टिप्पणी को लेकर निशाना
निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ टिप्पणी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट, लोकसभा, राज्यसभा और अन्य संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतंत्र में संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है और यदि कोई नेता लगातार इन संस्थाओं को बदनाम करता है, तो यह लोकतंत्र के लिए चिंताजनक स्थिति है।

संसद और सुप्रीम कोर्ट के अधिकारों का हवाला
सांसद दुबे ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी यह स्पष्ट किया है कि संसद को अपने सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि सब्सटेंटिव मोशन एक संवैधानिक प्रक्रिया है और यह संसद के नियमों के तहत लाया गया है।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य व्यक्तिगत हमला करना नहीं, बल्कि संसद और संविधान की गरिमा को बनाए रखना है।

राजनीतिक हलकों में तेज हुई चर्चा
निशिकांत दुबे द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ सब्सटेंटिव मोशन पेश करने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। इस घटनाक्रम को भाजपा और कांग्रेस के बीच चल रही राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के एक बड़े घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस मोशन पर लोकसभा अध्यक्ष का निर्णय महत्वपूर्ण होगा। यदि मोशन स्वीकार किया जाता है, तो संसद में इस पर विस्तृत चर्चा हो सकती है।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया का इंतजार
इस मामले में कांग्रेस पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर जल्द ही अपनी प्रतिक्रिया दे सकती है।
राहुल गांधी देश की राजनीति में एक प्रमुख विपक्षी नेता हैं और उनके खिलाफ इस तरह का मोशन राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

संसद की प्रक्रिया पर सबकी नजर
अब सबकी नजर लोकसभा अध्यक्ष के फैसले पर टिकी हुई है। यदि लोकसभा अध्यक्ष इस मोशन को स्वीकार करते हैं, तो संसद में इस पर चर्चा होगी और उसके बाद आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
यह मामला आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजनीति का एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है और इससे संसद के भीतर राजनीतिक माहौल भी प्रभावित हो सकता है।
देवघर दौरे के दौरान सांसद निशिकांत दुबे द्वारा राहुल गांधी की सदस्यता समाप्त करने के लिए सब्सटेंटिव मोशन पेश करने का मुद्दा राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण बन गया है। यह मामला संसद की कार्यवाही, संवैधानिक प्रक्रिया और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा से जुड़ा हुआ है। आने वाले समय में लोकसभा अध्यक्ष के निर्णय और कांग्रेस की प्रतिक्रिया इस मामले की दिशा तय करेंगे।

