देवघर। नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत शहर के प्रमुख चौराहों में से एक पटेल चौक पर देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। तेज रफ्तार और अनियंत्रित कार सीधे सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा स्थल से जा टकराई, जिससे प्रतिमा स्थल का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि देश के लौह पुरुष कहे जाने वाले सरदार पटेल की प्रतिमा पूरी तरह सुरक्षित है और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना देर रात की है, जब पटेल चौक पर आवाजाही अपेक्षाकृत कम थी। अचानक तेज आवाज के साथ कार प्रतिमा स्थल से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि प्रतिमा स्थल का आधार और आसपास का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए।
पुलिस ने कार और चालक को लिया कब्जे में
घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को जब्त कर लिया और चालक को हिरासत में लेकर थाना ले गई। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि चालक शराब के नशे में वाहन चला रहा था, हालांकि इसकी पुष्टि मेडिकल जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
नगर थाना पुलिस का कहना है कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है और दोषी पाए जाने पर चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वाहन की गति कितनी थी और चालक ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन तो नहीं किया था।
सुबह से ही मौके पर जुटने लगे लोग, प्रशासन से मरम्मत की मांग
घटना के बाद शुक्रवार सुबह से ही पटेल चौक पर स्थानीय लोग और समाजसेवी जुटने लगे। समाजसेवी रवि रावत भी मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त प्रतिमा स्थल का जायजा लिया। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि सरदार पटेल की प्रतिमा स्थल की शीघ्र मरम्मत कराई जाए, ताकि राष्ट्रीय धरोहर और महापुरुषों के सम्मान से कोई समझौता न हो।
रवि रावत ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल देश की एकता और अखंडता के प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमा से जुड़ा स्थल केवल एक चौक नहीं, बल्कि लोगों की आस्था और सम्मान का केंद्र है। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
शराब पीकर वाहन चलाने पर सख्ती की मांग
रवि रावत ने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि शराब के नशे में वाहन चलाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा, “यह गनीमत रही कि घटना देर रात हुई और उस समय ट्रैफिक कम था। यदि दिन के समय यह हादसा होता तो कई लोगों की जान जा सकती थी। ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन को और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।”
उन्होंने मांग की कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। साथ ही पटेल चौक जैसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस गश्ती और ट्रैफिक निगरानी बढ़ाने की भी मांग की गई।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि शहर में रात के समय तेज रफ्तार और नशे में गाड़ी चलाने वालों पर नियंत्रण नहीं है। कई बार शिकायत के बावजूद ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं होती, जिसके कारण हादसों का खतरा बना रहता है।
स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने प्रशासन से मांग की है कि पटेल चौक सहित अन्य प्रमुख चौराहों पर स्पीड ब्रेकर, बैरिकेडिंग और ट्रैफिक सिग्नल की व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। इसके साथ ही नियमित रूप से नशा जांच अभियान चलाने की भी जरूरत बताई गई।
प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरदार पटेल जैसी महान विभूति की प्रतिमा स्थल के पास इस तरह की दुर्घटना होना न केवल लापरवाही को दर्शाता है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करता है।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में इससे भी बड़े हादसे हो सकते हैं। प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि वह इस घटना को गंभीरता से लेते हुए ठोस कार्रवाई करे।
देवघर के पटेल चौक पर हुई यह घटना भले ही किसी बड़ी जनहानि में तब्दील नहीं हुई, लेकिन यह एक गंभीर चेतावनी जरूर है। शराब पीकर वाहन चलाने, तेज रफ्तार और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी जैसे कारणों पर यदि सख्ती नहीं बरती गई, तो भविष्य में हालात और भी भयावह हो सकते हैं। अब देखना यह है कि पुलिस और जिला प्रशासन इस मामले में कितनी तत्परता और सख्ती दिखाता है।

