
खबर : राजेश किशोर सिन्हा
Deoghar: धनवे सहित कई गांवों के लोगों को पीने की पानी के लिए होना पड़ रहा है पानी पानी
जनता त्रस्त और नेता सब मस्त, उनके लिए बिसलरी, हमारे लिए गड्ढा का पानी
देवघर। सोनारायठाड़ी प्रखंड अंतर्गत धनवें, दमाकुंडा, जारा रायडीह आदि गांवों के लोगों को पीने की पानी के लिए त्राहिमाम त्राहिमाम करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार वर्तमान में इन गांवों के चापाकल खराब है या चापाकल है ही नहीं। वहीं जल मीनार के बावत पूछने पर महिलाओं का कहना था कि जो भी जल मीनार है उससे कुछ ही टोला मुहल्ला के लोगों को पानी मिल पाता है। वहीं मौके पर धनवे गांव की महिलाओं को अपने सर पर पानी के बर्तन में पानी लेकर आती देखीं गयी।
वहीं पूछने पर उन लोगों ने कहा कि यह लोग लगभग एक किलोमीटर दूर से नदी में गड्ढा कर पीने का पानी लाते हैं, आख़िर जान तो बचाना है? नदी के समीप जा कर देखने पर दिखा की महिलाओं ने नदी के एक कोने में गड्ढे कर उक्त गड्ढे से पीने की पानी उठा रहे हैं।वहीं पानी का कलर” मटमैला “दिख रहा था, जिसके सेवन मात्र से विभिन्न बीमारी को आमंत्रण देनें के समान है।
वहीं पीड़ित ग्रामीणों ने कहा कि पानी की समस्या की जानकारी स्थानीय सभी जन प्रतिनिधियों को है पर इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया है, सभी को सिर्फ़ वोट से मतलब है बाकी हमलोग जिएं या मरे इनको कोई मतलब नहीं। वहीं ग्रामीणों में काफी रोष देखा जा रहा है और सभी जिला प्रशासन से इस समस्या से मुक्ति की फरियाद कर रहे हैं। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि नेता जी तो “बिसलरी” पी ये छे, हमनी के मरन छे”।