देवघर। नगर थाना क्षेत्र स्थित मॉडर्न पब्लिक स्कूल के मुख्य गेट के पास मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। स्कूल में रहने वाले युवक आलोक कुमार को तेज रफ्तार कार ने इतनी जोरदार टक्कर मारी कि अस्पताल ले जाने के कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई। हादसा चश्मदीदों और परिवार के बयान के आधार पर कई गंभीर सवाल भी खड़े कर रहा है। परिजनों का आरोप है कि यह महज दुर्घटना नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश है।

कैसे हुआ हादसा?
सूत्रों के अनुसार मृतक आलोक कुमार पिछले 5 दिनों से मॉडर्न पब्लिक स्कूल परिसर में रह रहे थे। मंगलवार की रात वे किसी काम से बाहर निकले थे और स्कूल का गेट खुलने का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान दूर से आ रही एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क से उछलते हुए सीधे आलोक पर चढ़ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार की रफ्तार करीब 150 किमी प्रति घंटे के आसपास थी। टक्कर की गति का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि वाहन 40 फीट दूर तक उछला, जबकि गेट, दीवार और पास लगे बिजली के पोल तक टूट गए। हादसे की भयावहता देखकर आसपास के लोग दहशत में आ गए।
आलोक को आनन-फानन में निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां गंभीर चोटों के चलते डॉक्टरों ने उन्हें बचा नहीं सके। रात होते ही यह खबर फैलते ही परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंचने लगे।
परिवार का सनसनीखेज आरोप – “यह दुर्घटना नहीं, साजिश है”
मृतक के भाई और भाजपा नेता तथा बिहार भूमिहार एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष कुमार ने इस घटना पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि एक प्लांड मर्डर जैसा मामला है।
आशुतोष के अनुसार:
कार सवार लोग मैहर गार्डन से पार्टी कर लौट रहे थे।
घटना के तुरंत बाद कुछ झामुमो नेता मौके पर पहुंचे।
उन्होंने कार को हटाने की कोशिश की और परिवार को धमकाया।
परिजनों के पास घटना का पूरा CCTV फुटेज मौजूद है जिसमें कई महत्वपूर्ण पहलू स्पष्ट दिखते हैं।
परिवार ने आरोप लगाया कि तेज रफ्तार और वाहन के नियंत्रण खोने की कहानी सिर्फ एक आवरण है। उनका दावा है कि आलोक को निशाना बनाकर यह कार जानबूझकर चढ़ाई गई
स्थान पर मौजूद लोगों ने क्या कहा?
स्थानीय लोगों का कहना है कि कार की रफ्तार असामान्य रूप से तेज थी और लगता था कि वाहन चालक नशे में हो सकता है। कई लोगों ने दावा किया कि टक्कर के बाद कार से उतरकर कुछ लोग किसी राजनीतिक नेता को फोन करते दिखे, जिसके बाद थोड़ी देर में कई चेहरे घटनास्थल पर इकट्ठा हो गए।
CCTV फुटेज बनेगा जांच का अहम हिस्सा
स्कूल परिसर और आसपास लगे CCTV कैमरों ने इस हादसे की पूरी घटना रिकॉर्ड की है। फुटेज में कार के नियंत्रण खोने, उछलने और टक्कर की पूरी घटना कैद हुई बताई जा रही है। परिवार ने यह फुटेज पुलिस को सौंपने की बात कही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार वे इस फुटेज का तकनीकी परीक्षण करा रही है और जल्द ही वाहन चालक, कार मालिक और मौके पर मौजूद संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जाएगी।
पुलिस ने शुरू की जांच, शव भेजा गया अस्पताल
घटना की जानकारी मिलने के बाद नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है।
आलोक का शव देवघर सदर अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में लोग, राजनीतिक कार्यकर्ता और परिजन पहुंचे हुए हैं। माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है।
पुलिस ने कहा है कि—
मामले की जांच सभी एंगल से की जाएगी।
परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की भी जांच की जाएगी।
तकनीकी साक्ष्य (CCTV, फोन लोकेशन, वाहन की फोरेंसिक रिपोर्ट) के आधार पर सच्चाई सामने लाई जाएगी।
कौन थे आलोक कुमार?
आलोक कुमार, देवघर के एक शांत स्वभाव के युवक बताए जाते हैं, जो पिछले कई दिनों से मॉडर्न पब्लिक स्कूल परिसर में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे थे। परिवार और जानने वालों ने बताया कि वे किसी से दुश्मनी नहीं रखते थे। उनकी अचानक हुई मौत ने पूरे समुदाय को स्तब्ध कर दिया है।
हादसे के बाद राजनीतिक माहौल गर्म
आलोक के भाई आशुतोष कुमार खुद एक राजनीतिक पद पर हैं, इसलिए घटना ने राजनीतिक रंग ले लिया है। परिवार की ओर से झामुमो नेताओं पर लगाए गए आरोप ने इस मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं, प्रशासन इस घटना को गंभीरता से ले रहा है क्योंकि CCTV फुटेज और गवाहों के बयान इसे एक सामान्य सड़क दुर्घटना की श्रेणी से बाहर ले जाते हैं।
सड़क सुरक्षा पर भी उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर यह सवाल उठाती है कि शहर में तेज रफ्तार और नशे में ड्राइविंग की घटनाएं किस तरह जानलेवा होती जा रही हैं। शहर में जगह-जगह स्पीड ब्रेकर, रात के समय विशेष गश्ती और शराब चेकिंग की जरूरत पहले से अधिक महसूस की जाने लगी है।
देवघर का यह हादसा फिलहाल सिर्फ एक सड़क दुर्घटना के रूप में दर्ज किया गया है, लेकिन परिवार के आरोप, CCTV फुटेज और मौके की स्थिति इस घटना को बेहद गंभीर और संदिग्ध बना देते हैं। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि वह किन तथ्यों के आधार पर सत्य को सामने लाती है।

