By; Vikash Kumar (Vicky)
देवघर जिले के रोहिणी नावाडीह रेलवे फाटक के पास सोमवार को एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। जसीडीह से आसनसोल की ओर जा रही एक ट्रेन के इंजन की टक्कर एक ट्रक और दो मोटरसाइकिलों से हो गई। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई, हालांकि राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में कोई जानमाल की हानि नहीं हुई। सभी यात्री और स्थानीय लोग बाल-बाल बच गए।

रेलवे फाटक पर कैसे हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देवघर-गिरीडीह को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर स्थित रोहिणी नावाडीह रेलवे फाटक पर एक ट्रक रेलवे ट्रैक पार करने की कोशिश कर रहा था। उसी दौरान जसीडीह से आसनसोल की ओर जा रही ट्रेन तेज रफ्तार में फाटक के पास पहुंच गई। बताया जा रहा है कि फाटक पूरी तरह बंद नहीं था या चालक ने जल्दबाजी में ट्रैक पार करने का प्रयास किया, जिससे यह हादसा हुआ। ट्रेन के इंजन ने ट्रक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्रक ट्रैक के किनारे जा फंसा और उसके नीचे दो मोटरसाइकिल दब गईं, जो सड़क किनारे खड़ी थीं।
मुख्य सड़क पूरी तरह बाधित
हादसे के बाद देवघर से गिरीडीह जाने वाली मुख्य सड़क पूरी तरह से बाधित हो गई। ट्रक और रेल इंजन के ट्रैक पर फंसे रहने के कारण कई घंटों तक आवागमन ठप रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय प्रशासन और रेलवे विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने का प्रयास किया। क्रेन की मदद से ट्रक को हटाने का काम शुरू किया गया, तब जाकर धीरे-धीरे यातायात बहाल हो सका।

इंजन और ट्रक को भारी नुकसान
हादसे में ट्रेन का इंजन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह टूट गया। ट्रक के नीचे दबे दोनों मोटरसाइकिलें भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि ट्रेन की गति और तेज होती तो यह हादसा और भी भयावह हो सकता था।
यात्रियों में मची अफरा-तफरी
टक्कर की आवाज सुनते ही ट्रेन में सवार यात्रियों में हड़कंप मच गया। कई यात्री डर के मारे अपनी सीट से खड़े हो गए। कुछ देर के लिए ट्रेन को वहीं रोक दिया गया। रेलवे कर्मचारियों ने यात्रियों को शांत कराया और स्थिति सामान्य होने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
कोई हताहत नहीं, राहत की सांस
इस भीषण दुर्घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। ट्रक चालक और आसपास मौजूद लोग सुरक्षित बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने इसे बड़ी राहत बताया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इलाका पहले भी कई बार हादसों का गवाह बन चुका है।

स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में रेलवे प्रशासन और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि रेलवे फाटक पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। कई बार फाटक समय पर बंद नहीं होता या चेतावनी सिग्नल ठीक से काम नहीं करते, जिससे इस तरह की घटनाएं होती हैं।
प्रशासन और रेलवे की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारी, पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। रेलवे ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। फाटक पर तैनात कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
बार-बार हो रहे हादसों पर चिंता
देवघर और आसपास के इलाकों में रेलवे फाटकों पर दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता की कमी, जल्दबाजी और सुरक्षा नियमों की अनदेखी ऐसे हादसों की बड़ी वजह है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
रोहिणी नावाडीह रेलवे फाटक पर हुआ यह हादसा एक चेतावनी है। भले ही इस बार कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन यह घटना बताती है कि थोड़ी-सी लापरवाही कितनी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। रेलवे और प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।

