By: Vikash Kumar (Vicky)
झारखंड के देवघर सदर अस्पताल में इलाज के दौरान एक मरीज की मौत के बाद शुक्रवार को अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि आक्रोशित लोगों ने अस्पताल के मुख्य गेट को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। बाद में प्रशासन और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत कराया गया।

गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था मरीज
मिली जानकारी के अनुसार 60 वर्षीय राजकुमार शाह को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद गंभीर हालत में देवघर सदर अस्पताल लाया गया था। परिजनों का कहना है कि मरीज की स्थिति काफी नाजुक थी और उसे तत्काल इलाज की जरूरत थी। परिजन मरीज को लेकर अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से तुरंत इलाज शुरू करने की गुहार लगाई। बताया जा रहा है कि अस्पताल में इलाज के दौरान ही राजकुमार शाह की मौत हो गई। जैसे ही परिजनों को मरीज की मौत की जानकारी मिली, वे आक्रोशित हो गए और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाने लगे। परिजनों का कहना था कि यदि समय पर सही इलाज मिलता तो मरीज की जान बचाई जा सकती थी।

परिजनों और स्थानीय लोगों ने किया विरोध प्रदर्शन
मरीज की मौत के बाद अस्पताल परिसर में माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। मृतक के परिजन और उनके साथ आए स्थानीय लोगों ने अस्पताल परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों का आरोप था कि अस्पताल में इलाज की व्यवस्था सही नहीं है और मरीजों को समय पर डॉक्टर और इलाज नहीं मिल पाता। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और अस्पताल परिसर में हंगामा किया। इस दौरान कुछ लोगों ने गुस्से में आकर अस्पताल के मुख्य गेट को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ देर के लिए अस्पताल की व्यवस्था भी प्रभावित हुई।

सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन शुरू में लोग काफी आक्रोशित थे और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल वरीय अधिकारियों को भी मामले की जानकारी दी। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
एसडीएम और अंचल अधिकारी ने संभाला मोर्चा
मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) रवि कुमार और अंचल अधिकारी भी तुरंत सदर अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों और स्थानीय लोगों से बातचीत की और पूरे मामले की जानकारी ली। अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया और उन्हें आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। प्रशासन ने यह भी कहा कि यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। काफी देर तक बातचीत और समझाने-बुझाने के बाद परिजन शांत हुए और धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो सकी।

परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
मृतक के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में मरीज को समय पर उचित इलाज नहीं मिला। उनका कहना है कि डॉक्टरों और अस्पताल कर्मियों की लापरवाही के कारण ही मरीज की मौत हुई है। परिजनों के अनुसार मरीज को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था, लेकिन इलाज में देरी हुई। उनका कहना है कि यदि तुरंत और सही इलाज मिलता तो शायद मरीज की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अस्पताल प्रबंधन ने दी सफाई
वहीं दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों के आरोपों को लेकर अपनी सफाई दी है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीज को काफी गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था और डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की। अस्पताल के अनुसार मरीज की हालत पहले से ही नाजुक थी और इलाज के दौरान डॉक्टरों ने आवश्यक चिकित्सा प्रक्रिया अपनाई, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद मरीज की जान नहीं बचाई जा सकी। अस्पताल प्रबंधन का यह भी कहना है कि पूरे मामले की जानकारी प्रशासन को दे दी गई है और यदि जांच में किसी प्रकार की कमी सामने आती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन कर रहा मामले की जांच
घटना के बाद प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मरीज की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी पूरी जांच की जाएगी। प्रशासन ने कहा कि अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी और जरूरत पड़ने पर मेडिकल रिपोर्ट भी देखी जाएगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मरीज की मौत स्वाभाविक कारणों से हुई या इसमें किसी प्रकार की लापरवाही हुई है।
अस्पताल की व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। अक्सर मरीजों और उनके परिजनों की ओर से यह शिकायत सामने आती रहती है कि सरकारी अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टरों की उपलब्धता, इलाज की व्यवस्था और मरीजों की देखभाल को लेकर सुधार की जरूरत है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि अस्पताल की व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

स्थिति फिलहाल सामान्य
प्रशासन और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल अस्पताल परिसर की स्थिति सामान्य हो गई है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
वहीं प्रशासन ने भी आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

