By:Vikash kumar (vicky)
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर बाबा बैद्यनाथ धाम की पवित्र नगरी देवघर में निकली ऐतिहासिक शिव बारात इस बार आस्था और भक्ति के साथ-साथ चोरी और पाकेटमारी की घटनाओं के कारण भी चर्चा में रही। लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच पाकेटमारों ने जमकर हाथ साफ किया और 200 से अधिक श्रद्धालुओं के मोबाइल फोन और पर्स चोरी कर लिए। इस घटना से श्रद्धालुओं में भय और आक्रोश का माहौल है, वहीं पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

भीड़ का फायदा उठाकर दिया वारदात को अंजाम
महाशिवरात्रि के अवसर पर हर वर्ष की तरह इस बार भी देवघर में भव्य शिव बारात निकाली गई। इस धार्मिक आयोजन में झारखंड ही नहीं, बल्कि बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और ओडिशा सहित कई राज्यों से हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। शिव बारात मार्ग और मंदिर परिसर के आसपास अत्यधिक भीड़ थी। इसी भीड़ का फायदा उठाकर पाकेटमारों के संगठित गिरोह ने श्रद्धालुओं को अपना निशाना बनाया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही बारात मुख्य मार्गों से गुजर रही थी और श्रद्धालु वीडियो और सेल्फी लेने में व्यस्त थे, उसी दौरान अपराधियों ने बड़ी संख्या में मोबाइल और पर्स गायब कर दिए। अधिकांश लोगों को चोरी की जानकारी तब हुई जब उन्होंने अपने मोबाइल या पर्स को जेब में नहीं पाया।

रविवार रात से सोमवार दोपहर तक पहुंची 200 से अधिक शिकायतें
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रविवार रात से लेकर सोमवार दोपहर तक नगर थाना और आसपास के पुलिस थानों में 200 से अधिक शिकायतें दर्ज कराई गईं। इनमें मोबाइल फोन, नकदी और जरूरी दस्तावेज चोरी होने की घटनाएं शामिल हैं। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि उनके महंगे स्मार्टफोन और हजारों रुपये नकद चोरी हो गए।

एक श्रद्धालु ने बताया, “हम लोग शिव बारात देखने और वीडियो बनाने में व्यस्त थे। तभी किसी ने जेब से मोबाइल निकाल लिया। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि कुछ समझ ही नहीं आया।”

कई राज्यों के श्रद्धालु बने शिकार
इस घटना में झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों के श्रद्धालु भी चोरी के शिकार हुए हैं। बिहार के नवादा निवासी एक श्रद्धालु ने बताया कि उनका मोबाइल फोन और करीब 50 हजार रुपये चोरी हो गए। वहीं एक अन्य श्रद्धालु के अनुसार, उनके पर्स से नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब हो गए।

पुलिस के अनुसार, जिन लोगों ने शिकायत दर्ज कराई है, उनमें देवघर, धनबाद, जमशेदपुर, नवादा, गया, पश्चिम बंगाल और अन्य क्षेत्रों के श्रद्धालु शामिल हैं।

पुलिस ने पकड़े कई संदिग्ध, पूछताछ जारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए झारखंड पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आधा दर्जन से अधिक संदिग्धों को पूछताछ के लिए थाना लाया गया है।

पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है और इसमें कई संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दी हैं। फुटेज के आधार पर अन्य अपराधियों की पहचान करने का प्रयास जारी है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया,
“भीड़ का फायदा उठाकर संगठित गिरोह ने इस वारदात को अंजाम दिया है। कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है। जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा किया जाएगा।”
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
महाशिवरात्रि जैसे बड़े आयोजन में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारी का दावा किया था। शिव बारात मार्ग और मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। इसके बावजूद इतनी बड़ी संख्या में चोरी की घटनाएं होना प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े करता है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद पाकेटमार सक्रिय रहे और लगातार चोरी की घटनाओं को अंजाम देते रहे। कई लोगों ने आरोप लगाया कि सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी।
मोबाइल चोरी के मामलों में बढ़ोतरी चिंता का विषय
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े धार्मिक आयोजनों में मोबाइल चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। अपराधी संगठित तरीके से भीड़ में शामिल होते हैं और मौका मिलते ही वारदात को अंजाम देते हैं।
मोबाइल फोन चोरी होने से श्रद्धालुओं को न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि उनके निजी डेटा और महत्वपूर्ण जानकारी भी खतरे में पड़ जाती है।
पुलिस ने जारी की सावधानी बरतने की अपील
घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने लोगों से भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अपने मोबाइल और पर्स सुरक्षित रखने, अजनबियों से सावधान रहने और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना देने को कहा है।
पुलिस अधिकारियों ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
धार्मिक आस्था के बीच अपराध की चुनौती
देवघर में महाशिवरात्रि और शिव बारात का आयोजन आस्था का सबसे बड़ा केंद्र होता है। लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और पूजा के लिए यहां आते हैं। लेकिन इस बार चोरी की घटनाओं ने इस पवित्र आयोजन की छवि को प्रभावित किया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को ऐसे आयोजनों में सुरक्षा के और पुख्ता इंतजाम करने चाहिए ताकि श्रद्धालु बिना किसी भय के धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल हो सकें।
पुलिस जांच जारी, जल्द खुलासा होने की उम्मीद
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर अपराधियों की पहचान की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा और चोरी हुए सामान को बरामद करने का प्रयास किया जाएगा।
इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है। साथ ही श्रद्धालुओं को भी सतर्क रहने की जरूरत है ताकि वे अपराधियों का शिकार बनने से बच सकें।
