
Deoghar: संपूर्ण क्रांति के साधकों के दो दिवसीय संवाद कार्यक्रम का दूसरा दिन दिवंगत साथियों की याद और भविष्य की दिशा तय करने के इर्द-गिर्द रहा।
देवघर। प्रातः कालीन सर्वधर्म प्रार्थना के उपरांत सर्वप्रथम राधा कृष्ण भाई को स्मरण किया गया कई प्रतिभागियों ने उनके साथ अपने संस्मरण सुनाया। दिवंगत साथियों को मौन श्रद्धांजलि दी गई। इसके उपरांत स्वास्थ्य पर चर्चा हुई। भविष्य के लिए निम्नलिखित कार्यक्रम का भी निर्धारण किया गया –
1.नई पीढ़ी के सपनों का भारत कैसा हो? हम अपने जीवन के शेष बचे भाग का उपयोग उस दिशा में किस प्रकार कर सकते हैं, समाज की अपेक्षा क्या है और हम समाज को क्या देना चाहते हैं या हम समाज को क्या दे सकते हैं। हमें अपने मुद्दे तय करने होंगे, प्राथमिकता का क्रम निर्धारण करना होगा। बदली हुई परिस्थिति में हमारा वैचारिक आयाम नई व्याख्या चाहता है। साधकों के संवाद से यह बात सामने आई कि आज देश में सामाजिक तनाव और आर्थिक विषमता गंभीर रूप ले रहा है । इससे निजात पाने के लिए समाज को संगठित कर कदम तय करने की जरूरत है।
2. संपूर्ण क्रांति के साधक अपने बारे में जो उन्होंने किया है या जो सफलता और असफलता मिली है अपने संघर्ष की गाथा लिखे इसे संपादित और प्रकाशित किया जाए ताकि आने वाली पीढ़ी उससे कुछ ग्रहण कर सके।
3. दुनिया पड़ोसी बन गई है मां पड़ोसी नहीं बना। अभी नहीं तो कभी नहीं के संकल्प के साथ हमें आगे की रणनीति बनानी होगी। चुनौती हमारे सामने है दोनों के सपने आमने-सामने है।
4. झारखंड में काम करने वाले समूहों के समक्ष नए झारखंड का सपना था। जल, जंगल, जमीन को बचाने का आदिवासियों के स्वामित्व का सवाल हमारे सामने है निसर्ग को बचाने का सवाल महत्वपूर्ण है।
5. हमारा उद्देश्य अपने बिखरे साथियों को जो कहीं ना कहीं किसी न किसी मुद्दे पर काम कर रहे हैं उनको जोड़ने संपूर्ण क्रांति की उत्तर गाथा लिखने की होनी है। संपूर्ण क्रांति के साथियों की प्रोफाइल तैयार की जानी चाहिए।

6. संपूर्ण क्रांति की उपलब्धियां को लेख वध करना. चाहे वह बोध गया आंदोलन हो या जनता सरकार का प्रयोग।
7. मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय प्रेरणा का केंद्र रहा है। मतदाता प्रशिक्षण लोक शक्ति को संगठित करने।
8. डेमोक्रेटिक स्पेस कम हो रहा है नई चुनौतियां पैदा हुई है सरकार और प्रशासन की डेमोक्रेसी में लिगसी नहीं रही है।
9. जून को संपूर्ण बिहार और झारखंड में संपूर्ण क्रांति और पर्यावरण दिवस मनाया जाएगा
10. युवाओं का शिविर आयोजित किया जाएगा इस क्रम में 6 और 7 जून को जमुई में शिविर आयोजित किया जाएगा।
11. किसान मजदूर कारीगर गोपालक के मुद्दों पर इन्हें एकजुट कर सत्याग्रह की रणनीति बनाई जाएगी।
12. बिहार और झारखंड में गांधी जहां भी गए हैं वहां स्मृति खोजी जाए तत्काल 8 अक्टूबर को मधुपुर गांधी के आगमन पर समारोह का आयोजन 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर किए जाने का निर्णय लिया।