By: Vikash Kumar (Vicky)
सनातन संस्कृति के संरक्षण, हिन्दू समाज की एकता और धार्मिक चेतना को मजबूत करने के उद्देश्य से देवघर में एक भव्य धार्मिक आयोजन होने जा रहा है। सर्व हिन्दू समाज के तत्वावधान में “विराट हिन्दू सम्मेलन” का आयोजन 15 मार्च 2026 (रविवार) को किया जाएगा। यह सम्मेलन अपराह्न 4 बजे वैष्णवी दुर्गा मंदिर प्रांगण, बांधा, बैजनाथपुर स्थित विद्यापति बस्ती में आयोजित होगा। कार्यक्रम को लेकर पूरे क्षेत्र में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

आयोजकों के अनुसार इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिन्दू समाज को एक मंच पर लाना, सनातन धर्म के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाना तथा सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करना है। सम्मेलन में बड़ी संख्या में संत-महात्मा, धार्मिक प्रवक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और श्रद्धालु शामिल होंगे। कार्यक्रम को लेकर विद्यापति बस्ती समेत आसपास के क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर जनसंपर्क अभियान भी चलाया जा रहा है।

संत-महात्माओं का होगा भव्य समागम
विराट हिन्दू सम्मेलन की अध्यक्षता महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 स्वामी माता राजेश्वरी नन्दगिरि जी महाराज करेंगे। उनके मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। वहीं मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में श्री विरेंद्र विमल जी, संत संपर्क प्रमुख (पटना एवं गुवाहाटी क्षेत्र) उपस्थित रहेंगे और हिन्दू समाज की एकता तथा सनातन संस्कृति की महत्ता पर अपने विचार रखेंगे। कार्यक्रम में विशेष रूप से Vishva Hindu Parishad देवघर के जिला कार्याध्यक्ष डॉ. गोपाल जी शरण भी मौजूद रहेंगे। वे समाज में धार्मिक जागरूकता और संगठन की भूमिका पर अपने विचार साझा करेंगे।

कई प्रमुख संतों का मिलेगा आशीर्वचन
सम्मेलन में देश के विभिन्न स्थानों से कई प्रसिद्ध संत-महात्मा भी शामिल होंगे और श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देंगे। इनमें सुप्रसिद्ध राष्ट्रीय प्रवक्ता युवा महंत श्री श्री 1008 स्वामी संतोषानंद शरण जी महाराज (चित्रकूट धाम) प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय सरस प्रवक्ता बाल विद्यु बीना शरण जी महाराज, पूज्य बेदी मां (वृंदावन धाम) तथा गुरु बाबा संतालाल मराण्डी जी महाराज (वासुकीनाथ धाम) भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। संत-महात्माओं के प्रवचन और आशीर्वचन के माध्यम से श्रद्धालुओं को सनातन धर्म की परंपराओं, जीवन मूल्यों और समाज में एकता बनाए रखने का संदेश दिया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि यह सम्मेलन केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता पर होगा मंथन
विराट हिन्दू सम्मेलन के दौरान सनातन धर्म की परंपराओं, संस्कृति और सामाजिक समरसता को लेकर विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम में वक्ता समाज में बढ़ती चुनौतियों, सांस्कृतिक पहचान की रक्षा और युवा पीढ़ी को धर्म और संस्कारों से जोड़ने के मुद्दों पर भी अपने विचार रखेंगे। आयोजकों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और लोगों के बीच आपसी भाईचारा मजबूत होता है। सम्मेलन के माध्यम से लोगों को अपने धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को समझने तथा उन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

क्षेत्र में तैयारियां तेज
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विद्यापति बस्ती और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन स्थल वैष्णवी दुर्गा मंदिर प्रांगण में मंच, बैठने की व्यवस्था, ध्वनि प्रणाली और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। इसके अलावा कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार के लिए पोस्टर, बैनर और जनसंपर्क अभियान भी चलाया जा रहा है।स्थानीय युवाओं और स्वयंसेवकों की टीम आयोजन की तैयारियों में सक्रिय रूप से जुटी हुई है। आयोजन समिति का कहना है कि सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, इसलिए सभी व्यवस्थाएं व्यवस्थित और सुचारु रूप से की जा रही हैं।

आयोजकों की अपील
सकल हिन्दू समाज, विद्यापति बस्ती के आयोजकों ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों और नागरिकों से अपील की है कि वे सपरिवार इस सम्मेलन में शामिल होकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाएं। उनका कहना है कि यह आयोजन सनातन संस्कृति और हिन्दू समाज की एकता को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। आयोजकों ने यह भी बताया कि सम्मेलन के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जाएगा ताकि सामाजिक समरसता और आपसी सहयोग की भावना को और मजबूत किया जा सके। इस आयोजन को लेकर आयोजक मंडल से जुड़े डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि विराट हिन्दू सम्मेलन का उद्देश्य समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में संत-महात्माओं के मार्गदर्शन से समाज को नई दिशा और प्रेरणा मिलेगी। साथ ही युवाओं को सनातन धर्म की परंपराओं और मूल्यों से जोड़ने का भी प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने सभी श्रद्धालुओं और नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है, ताकि यह आयोजन सफल और ऐतिहासिक बन सके।

