By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर। नव वर्ष 2026 के पहले दिन झारखंड के देवघर स्थित विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में आस्था का अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला। नए साल की शुरुआत भगवान भोलेनाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ करने के लिए देशभर से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर प्रशासन के अनुमान के अनुसार करीब 1 . 5 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ की पूजा-अर्चना कर नव वर्ष का स्वागत किया।

सुबह तड़के तीन बजे से ही मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारों से पूरा देवघर नगरी गूंज उठी। श्रद्धालु कड़ाके की ठंड के बावजूद घंटों लाइन में खड़े रहकर बाबा बैद्यनाथ के दर्शन करते नजर आए।
देशभर से पहुंचे श्रद्धालु
उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत, पश्चिम से पूर्व तक, बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने इसे राष्ट्रीय आस्था का केंद्र बना दिया। बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कई राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवघर पहुंचे। कई श्रद्धालु कांवर यात्रा के रूप में भी बाबा धाम पहुंचे, जबकि कई परिवारों ने नव वर्ष की छुट्टियों को तीर्थ यात्रा में बदला।
नव वर्ष के दूसरे दिन भी बरकरार रही भीड़
नव वर्ष के दूसरे दिन भी बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही मंदिर परिसर, शिवगंगा घाट, बीएड कॉलेज मोड़, नेहरू पार्क और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें बनी रहीं। प्रशासन द्वारा बनाई गई बैरिकेडिंग व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से गर्भगृह तक पहुंचाया गया। श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ने के कारण मंदिर प्रबंधन ने अतिरिक्त सुरक्षा और सुविधा व्यवस्था लागू की। जलार्पण, स्पर्श दर्शन और शीघ्र दर्शन की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखा गया ताकि किसी को परेशानी न हो।
प्रशासन और मंदिर प्रबंधन रहा सतर्क
भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस बल और मंदिर प्रबंधन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक स्वयं हालात पर नजर बनाए हुए थे। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से मंदिर परिसर और प्रमुख मार्गों की निगरानी की गई।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल कैंप लगाए गए, वहीं अग्निशमन विभाग और आपदा प्रबंधन टीम भी अलर्ट मोड में रही।
श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया। स्वयंसेवी संगठनों ने भी श्रद्धालुओं की सेवा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कोविड के बाद पहली बार ऐतिहासिक भीड़
मंदिर के वरिष्ठ पुरोहित सोनाधारी झा ने बताया कि कोविड काल के बाद यह पहली बार है जब बाबा बैद्यनाथ धाम में इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े हैं।
उन्होंने कहा, “कोरोना महामारी के बाद लोगों की आस्था और भी मजबूत हुई है। इस बार सिर्फ बाबा धाम ही नहीं, बल्कि देश के लगभग सभी प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची है।”

युवा वर्ग की बढ़ती आस्था
पुरोहित सोनाधारी झा ने यह भी बताया कि इस बार मंदिर में युवा वर्ग की भागीदारी विशेष रूप से अधिक देखने को मिली। बड़ी संख्या में युवा श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ की आराधना करते नजर आए।
उनका मानना है कि आज का युवा वर्ग भी भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जुड़ रहा है, जो समाज के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
श्रद्धालुओं का कहना है कि नव वर्ष की शुरुआत बाबा बैद्यनाथ के दर्शन से करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्होंने पूरे परिवार के सुख, स्वास्थ्य और देश की खुशहाली के लिए बाबा से प्रार्थना की।
एक श्रद्धालु ने कहा, “नए साल की पहली सुबह बाबा के दर्शन हो जाएं, इससे बड़ा आशीर्वाद कुछ नहीं हो सकता।”
देवघर बना आध्यात्मिक पर्यटन का केंद्र
नव वर्ष के मौके पर उमड़ी इस ऐतिहासिक भीड़ ने देवघर को एक बार फिर धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है। होटल, धर्मशाला, परिवहन और स्थानीय व्यवसायों में भी जबरदस्त रौनक देखी गई।
आने वाले दिनों में भी भीड़ की संभावना
मंदिर प्रबंधन का अनुमान है कि नव वर्ष सप्ताह और मकर संक्रांति तक श्रद्धालुओं की संख्या में और इजाफा हो सकता है। इसके लिए प्रशासन ने पहले से ही अतिरिक्त तैयारियां शुरू कर दी हैं।
