By: Vikash Kumar ( Vicky )
देवघर। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देशानुसार जिले में सहायक आचार्य नियुक्ति की प्रक्रिया को गति देने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला स्तरीय काउंसिलिंग का आयोजन किया गया। यह काउंसिलिंग उप विकास आयुक्त श्री पीयूष सिन्हा की अध्यक्षता में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) परिसर में संपन्न हुई। काउंसिलिंग का आयोजन झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के विज्ञापन संख्या 13/2023 के आलोक में किया गया, जिसके तहत सफल एवं अनुशंसित अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रदान की जानी है।
जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस काउंसिलिंग में झारखंड प्रारंभिक विद्यालयों में इंटर प्रशिक्षित सहायक आचार्य (कक्षा 01 से 05) एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य (कक्षा 06 से 08) के पदों पर नियुक्ति हेतु चयनित अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग की गई। काउंसिलिंग के उपरांत जिला शिक्षा स्थापना समिति द्वारा लिए गए निर्णय के आलोक में संबंधित अभ्यर्थियों को जिले के विभिन्न विद्यालयों में नियुक्ति प्रदान करने की प्रक्रिया पूर्ण की गई।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस काउंसिलिंग का मुख्य उद्देश्य नव नियुक्त सहायक आचार्यों का पारदर्शी, निष्पक्ष एवं सुलभ पदस्थापन सुनिश्चित करना है, ताकि जिले के प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। काउंसिलिंग प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया गया तथा पदस्थापन से संबंधित आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा किया गया।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त श्री पीयूष सिन्हा ने समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत चल रहे सहायक आचार्य नियुक्ति से संबंधित जिला स्तरीय काउंसिलिंग कार्य का निरीक्षण भी किया। उन्होंने काउंसिलिंग स्थल पर मौजूद अधिकारियों एवं कर्मियों से प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी ली तथा पूरी व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि योग्य एवं चयनित अभ्यर्थियों को समयबद्ध तरीके से विद्यालयों में नियुक्ति दी जाए, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
उप विकास आयुक्त ने विशेष रूप से सहायक आचार्य (कक्षा 06 से 08 – गणित एवं विज्ञान) पद के लिए चल रही काउंसिलिंग प्रक्रिया को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में सरकार द्वारा जारी आदेश, विज्ञापन प्रकाशन में दिए गए मानदंड एवं नियुक्ति नियमावली के सभी प्रावधानों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि काउंसिलिंग की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी होनी चाहिए, जिससे चयनित अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही सभी अभ्यर्थियों को उनके योग्यतानुसार एवं रिक्त पदों के अनुरूप विद्यालयों में पदस्थापन दिया जाए। इससे न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि विद्यालयों में शिक्षकों की कमी की समस्या भी दूर होगी।
जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इंटर प्रशिक्षित सहायक आचार्य (कक्षा 01 से 05) एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य (कक्षा 06 से 08 – गणित एवं विज्ञान, भाषा एवं कला) के पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। काउंसिलिंग पूर्ण होते ही चयनित अभ्यर्थियों को शीघ्र ही उनके संबंधित विद्यालयों में योगदान देने का निर्देश दिया जाएगा।
प्रशासन की इस पहल से लंबे समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों में उत्साह देखा गया। काउंसिलिंग में शामिल कई अभ्यर्थियों ने जिला प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की और इसे निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही विद्यालयों में योगदान देकर वे शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाएंगे।
जिला प्रशासन का मानना है कि सहायक आचार्यों की नियुक्ति से जिले के शैक्षणिक माहौल में सकारात्मक बदलाव आएगा। प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ने से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी मदद मिलेगी।
अंत में उप विकास आयुक्त श्री पीयूष सिन्हा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि काउंसिलिंग एवं पदस्थापन से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए, ताकि चयनित सहायक आचार्य जल्द से जल्द विद्यालयों में अपनी सेवाएं दे सकें और जिले की शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिल सके।
