By:Vikash Kumar (Vicky)
देवघर। झारखंड में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में शिवरात्रि महोत्सव समिति बैद्यनाथधाम-देवघर के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को झारखंड विधानसभा परिसर, रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को आगामी 15 फरवरी 2026 को देवघर में आयोजित होने वाले भव्य शिव बारात कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को महाशिवरात्रि पर्व के महत्व और देवघर में आयोजित होने वाले पारंपरिक शिव बारात कार्यक्रम की ऐतिहासिक और धार्मिक पृष्ठभूमि से अवगत कराया। साथ ही कार्यक्रम की तैयारियों की विस्तृत जानकारी भी साझा की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे सपरिवार देवघर पहुंचकर इस भव्य धार्मिक आयोजन की शोभा बढ़ाएं।

बैद्यनाथधाम देवघर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। यहां स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक है और प्रत्येक वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां लाखों श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं। शिवरात्रि के मौके पर निकलने वाली शिव बारात देवघर की एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक परंपरा है, जिसमें भगवान शिव की बारात को सांस्कृतिक झांकियों, पारंपरिक वाद्य यंत्रों और आकर्षक सजावट के साथ नगर भ्रमण कराया जाता है।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस वर्ष शिव बारात को और अधिक भव्य और आकर्षक बनाने की तैयारी की जा रही है। इसमें स्थानीय कलाकारों, सांस्कृतिक दलों और धार्मिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। आयोजन समिति द्वारा सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

महाशिवरात्रि पर्व का धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व होता है। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के पवित्र मिलन का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर श्रद्धालु उपवास रखकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं और मंदिरों में विशेष अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। देवघर में महाशिवरात्रि के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिससे यहां का धार्मिक वातावरण और अधिक भव्य हो जाता है।

शिवरात्रि महोत्सव समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को बताया कि देवघर में आयोजित होने वाली शिव बारात केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। इस आयोजन में सभी वर्गों और समुदायों के लोग बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं, जिससे सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा मिलता है।

मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान विधायक सुरेश पासवान भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि देवघर धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र है और महाशिवरात्रि जैसे आयोजनों से राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री की उपस्थिति से आयोजन को और अधिक प्रेरणा और प्रोत्साहन मिलेगा।

शिवरात्रि महोत्सव समिति बैद्यनाथधाम-देवघर के अध्यक्ष अभिषेक आनंद झा ने बताया कि शिव बारात कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समिति लगातार तैयारियों में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि इस बार शिव बारात में पारंपरिक झांकियों के साथ आधुनिक तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को एक अलग और आकर्षक अनुभव मिल सके।
उन्होंने बताया कि शिव बारात के दौरान शहर में विशेष सजावट की जाएगी और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन के सहयोग से कई व्यवस्था की जा रही है। आयोजन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और समिति के बीच समन्वय स्थापित किया गया है।

महाशिवरात्रि को लेकर देवघर सहित पूरे संथाल परगना क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। मंदिरों और धार्मिक स्थलों की साफ-सफाई और सजावट का कार्य भी तेज कर दिया गया है। स्थानीय व्यवसायियों और धार्मिक संगठनों द्वारा श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारी की जा रही है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस कारण हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

शिवरात्रि महोत्सव समिति को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री की उपस्थिति से आयोजन की गरिमा और अधिक बढ़ेगी और यह कार्यक्रम राज्य के धार्मिक पर्यटन को भी नई पहचान दिलाने में सहायक होगा। समिति ने कहा कि वे इस आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी करने में जुटी हुई है।
