By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर: बाबा बैद्यनाथ धाम की नगरी देवघर में महाशिवरात्रि पर्व का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। हर वर्ष की तरह इस बार भी देवघर में भगवान शिव की भव्य बारात निकाली जाएगी, जिसे लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए देवघर उपायुक्त (डीसी) ने महाशिवरात्रि समिति के पदाधिकारियों और शिवरात्रि महोत्सव में सक्रिय रूप से कार्य करने वाले सदस्यों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में शिव बारात को और अधिक भव्य, आकर्षक और व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई।

बताया जाता है कि देवघर में महाशिवरात्रि के अवसर पर निकलने वाली शिव बारात की परंपरा वर्षों पुरानी है। पहले इस आयोजन का संचालन पूरी तरह महाशिवरात्रि समिति द्वारा किया जाता था, लेकिन पिछले वर्ष से इस आयोजन की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन ने अपने स्तर पर लेना शुरू कर दिया है। हालांकि आयोजन से जुड़ी अधिकांश व्यवस्थाएं अभी भी महाशिवरात्रि समिति के माध्यम से ही कराई जाती हैं, ताकि परंपरा और स्थानीय सहभागिता बनी रहे।
बैठक के दौरान देवघर उपायुक्त ने शिव बारात की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि देवघर का महाशिवरात्रि पर्व पूरे देश में अपनी अलग पहचान रखता है। इस दिन लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जलार्पण और दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में शिव बारात के आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसे प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया गया।

डीसी ने बैठक में विशेष रूप से बिजली व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, साफ-सफाई और चिकित्सा सुविधाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि शिव बारात मार्ग पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाए, ताकि श्रद्धालुओं और दर्शकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस प्रशासन को अतिरिक्त बल की तैनाती और बैरिकेडिंग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने कहा कि महाशिवरात्रि के दौरान देवघर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, इसलिए यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था और पार्किंग स्थल चिन्हित करने पर भी चर्चा की गई। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि शिव बारात मार्ग और प्रमुख स्थानों पर चिकित्सा शिविर और एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

बैठक में मौजूद महाशिवरात्रि आयोजन समिति के अध्यक्ष अभिषेक झा ने बताया कि प्रशासन और समिति के बीच समन्वय बनाकर इस वर्ष शिव बारात को और अधिक भव्य और आकर्षक बनाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस बार शिव बारात में विद्युत सज्जा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, कलाकारों की विशेष प्रस्तुति और विभिन्न धार्मिक झांकियों को शामिल किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव मिल सके।
अभिषेक झा ने बताया कि शिव बारात में भगवान शिव और माता पार्वती की पारंपरिक झांकी के साथ-साथ विभिन्न देवी-देवताओं की झांकियां भी शामिल की जाएंगी। इसके अलावा लोक कलाकारों और पारंपरिक नृत्य दलों को भी शामिल करने की योजना बनाई गई है, जिससे कार्यक्रम और अधिक आकर्षक बनेगा। उन्होंने कहा कि आयोजन को सफल बनाने के लिए समिति के सदस्य लगातार तैयारियों में जुटे हुए हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि शिव बारात के दौरान पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाएगा। प्लास्टिक का उपयोग कम करने और स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही स्वयंसेवकों की टीम भी तैनात की जाएगी, जो श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देने और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करेगी।
देवघर की शिव बारात धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक एकता का प्रतीक भी मानी जाती है। इस आयोजन में स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु भी उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। हर वर्ष शिव बारात की भव्यता और आकर्षण देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग देवघर पहुंचते हैं।

पर्यटन विभाग भी इस आयोजन को राज्य के प्रमुख धार्मिक पर्यटन कार्यक्रम के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। शिव बारात के माध्यम से देवघर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि इस आयोजन से स्थानीय व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है।
महाशिवरात्रि के अवसर पर निकलने वाली शिव बारात को लेकर देवघर में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच काफी उत्साह देखा जा रहा है। प्रशासन और समिति द्वारा की जा रही तैयारियों से यह उम्मीद जताई जा रही है कि इस वर्ष शिव बारात पहले से भी अधिक भव्य और यादगार होगी।

