By:vikash kumar (vicky)

देवघर। प्रतिनिधि।
देवघर में नगर गवाली पूजा को लेकर पंडा धर्म रक्षिणी सभा के तत्वावधान में सोमवार की शाम भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। बाबा मंदिर प्रांगण स्थित तारा मंदिर के सामने शाम 5:20 बजे सभा के सदस्यों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना कर अग्नि प्रज्वलित की गई और मां काली को धूमना अर्पित किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण छा गया।

कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई, जिसमें सभा के अध्यक्ष डॉ. सुरेश भारद्वाज एवं महामंत्री निर्मल मंटू झा ने स्वयं धूमना अर्पित कर पूजा की अगुवाई की। इसके बाद सभा के अन्य सदस्यों ने भी नगर के कल्याण और सुख-समृद्धि के लिए माता को धूमना अर्पित किया। इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने ‘जय मां मयेर’, ‘जय मां काली’ के जयकारों से वातावरण को गूंजायमान कर दिया।

शाम ढलते ही तारा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। नगरवासी अपने-अपने घरों से धूप और धूमना लेकर मंदिर पहुंचे और श्रद्धा भाव से माता को अर्पित किया। संध्या आरती के दौरान भक्तों ने सामूहिक रूप से मां काली की आराधना की और पूरे शहर में भक्ति का माहौल बन गया।

सभा के सदस्य लंबोदर परिहस्त ने बताया कि नगर गवाली पूजा का आयोजन विश्व कल्याण और समाज की रक्षा के उद्देश्य से किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस परंपरा की शुरुआत सैकड़ों वर्ष पहले हुई थी, जब क्षेत्र में भयंकर महामारी फैल गई थी और लोग लगातार इसकी चपेट में आ रहे थे। उस समय समाज के लोगों ने मां काली की विशेष पूजा-अर्चना कर धूमना अर्पित किया, जिसके बाद महामारी का प्रकोप समाप्त हो गया। तभी से यह परंपरा लगातार निभाई जा रही है।

उन्होंने आगे बताया कि आज भी नगरवासी उसी श्रद्धा और विश्वास के साथ इस पूजा में भाग लेते हैं। लोगों का मानना है कि धूप और धूमना का धुआं जितना ऊपर उठता है और जितनी दूर तक फैलता है, वहां तक के लोग रोगों से मुक्त रहते हैं। यह परंपरा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि इसका वैज्ञानिक आधार भी माना जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार धूप और धूमना में उपयोग किए जाने वाले पदार्थों में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो वातावरण को शुद्ध करने में सहायक होते हैं। इससे विषाणु, कीटाणु और संक्रमण के खतरे को कम करने में मदद मिलती है। यही कारण है कि इस पूजा को आस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

नगर गवाली पूजा को लेकर पूरे देवघर शहर में उत्साह का माहौल है। मंदिर परिसर सहित शहर के विभिन्न हिस्सों में श्रद्धालु जुट रहे हैं और माता की भक्ति में लीन दिखाई दे रहे हैं। हर ओर जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है और लोग पूरे श्रद्धा भाव से इस परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रशासन द्वारा यातायात व्यवस्था को भी सुचारू रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे।

नगर गवाली पूजा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह समाज की एकता, आस्था और परंपरा का जीवंत उदाहरण है। इस आयोजन के माध्यम से लोग न केवल अपनी धार्मिक भावनाओं को व्यक्त करते हैं, बल्कि समाज के कल्याण और शांति की भी कामना करते हैं।
देवघर में इस समय चारों ओर भक्ति का माहौल है और नगर गवाली पूजा ने पूरे शहर को एक सूत्र में बांध दिया है। श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ इस आयोजन में भाग ले रहे हैं और मां काली से सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना कर रहे हैं।
