देवघर। समय पर वेतन भुगतान, पेंशन और पीएफ जैसी बुनियादी मांगों को लेकर देवघर नगर निगम के सफाई कर्मियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। झारखंड लोकल बॉडीज इंप्लाइज फेडरेशन की ओर से आयोजित एक अहम बैठक में यह बड़ा निर्णय लिया गया कि यदि उनकी मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो 21 जनवरी से तमाम सफाई कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इस बैठक की अध्यक्षता फेडरेशन के देवघर नगर निगम अध्यक्ष संजय मंडल ने की।

बैठक में मौजूद कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि उन्हें कई महीनों से न तो समय पर वेतन मिल रहा है, न ही पेंशन का भुगतान हो रहा है और न ही उनके ईपीएफ व पीएफ खातों में नियमित जमा किया जा रहा है। इस लापरवाही से कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में बिना वेतन जीवन यापन करना असंभव होता जा रहा है।
फेडरेशन अध्यक्ष संजय मंडल ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि नगर निगम प्रशासन द्वारा बार-बार सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा, “नगर प्रशासक हर बार यह कहकर मामला टाल देते हैं कि जल्द भुगतान हो जाएगा, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। इससे कर्मचारियों का भरोसा पूरी तरह टूट चुका है।”
उन्होंने आगे कहा कि समय पर वेतन नहीं मिलने, पेंशन रोके जाने और ईपीएफ व पीएफ जमा नहीं होने से कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। कर्मचारियों ने अब साफ शब्दों में कह दिया है कि जब तक उनकी सभी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। “वेतन नहीं तो काम नहीं” का नारा अब पूरे नगर निगम में गूंजने लगा है।
बैठक में मौजूद कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम प्रशासन उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। कई बार ज्ञापन सौंपने और वार्ता करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। कर्मचारियों ने कहा कि वे पिछले कई महीनों से अपनी मेहनत का पूरा मेहनताना पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की उदासीनता के कारण उनकी स्थिति बद से बदतर होती जा रही है।
फेडरेशन के महासचिव रोशन राम ने कहा कि यह सिर्फ वेतन की बात नहीं है, बल्कि कर्मचारियों के भविष्य से जुड़ा सवाल है। “अगर ईपीएफ और पीएफ समय पर जमा नहीं होगा तो रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी कहां जाएंगे? पेंशन नहीं मिलने से बुजुर्ग कर्मचारी बेहद परेशान हैं। कई कर्मचारी इलाज तक नहीं करा पा रहे हैं,” उन्होंने कहा।
उपाध्यक्ष बिरजू राम ने कहा कि नगर निगम प्रशासन की लापरवाही का सीधा असर शहर की साफ-सफाई व्यवस्था पर पड़ेगा। यदि 21 जनवरी से सभी सफाई कर्मी हड़ताल पर चले जाते हैं तो देवघर शहर में गंदगी फैलने की आशंका बढ़ जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इसके लिए पूरी तरह नगर प्रशासक जिम्मेदार होंगे।
बैठक में सचिव सुनील मोह, सुनील राम, बबलू राम, किशन राम, प्रदीप राम सहित सैकड़ों सफाई कर्मचारी मौजूद थे। सभी ने एकमत होकर यह निर्णय लिया कि अब आर-पार की लड़ाई होगी। कर्मचारियों ने कहा कि वे अब झूठे आश्वासनों से थक चुके हैं और जब तक लिखित आदेश और वास्तविक भुगतान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

सफाई कर्मियों का कहना है कि नगर निगम के उच्च अधिकारी खुद समय पर वेतन और सुविधाएं प्राप्त करते हैं, लेकिन निचले स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। रोज सुबह शहर की सड़कों और गलियों को साफ रखने वाले ये कर्मचारी आज खुद असुरक्षित भविष्य की चिंता में डूबे हुए हैं।
फेडरेशन अध्यक्ष संजय मंडल ने यह भी कहा कि यदि नगर निगम प्रशासन समय रहते कर्मचारियों की मांगें मान लेता है तो हड़ताल को टाला जा सकता है। लेकिन यदि 21 जनवरी तक वेतन भुगतान, पेंशन और पीएफ से संबंधित ठोस कदम नहीं उठाए गए तो सभी सफाई कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
उन्होंने कहा, “हम टकराव नहीं चाहते, लेकिन अब हमारे पास कोई और रास्ता भी नहीं बचा है। कर्मचारी अपने हक के लिए आंदोलन करने को मजबूर हैं। अगर शहर में गंदगी फैलती है या जनजीवन प्रभावित होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।”
बैठक के अंत में सभी कर्मचारियों ने हाथ उठाकर हड़ताल के निर्णय का समर्थन किया और एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया। कर्मचारियों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करेंगे, लेकिन अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे।
अब सबकी निगाहें नगर निगम प्रशासन पर टिकी हुई हैं कि वह 21 जनवरी से पहले कोई ठोस कदम उठाता है या नहीं। यदि प्रशासन ने समय रहते समाधान नहीं किया तो देवघर शहर को बड़े स्तर पर सफाई संकट का सामना करना पड़ सकता है। यह मामला अब सिर्फ कर्मचारियों की मांगों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह शहर की व्यवस्था और प्रशासनिक संवेदनशीलता की भी परीक्षा बन गया है।

