By: Vikash Kumar (Vicky)
झारखंड के देवघर जिले से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां डिप्रेशन से जूझ रही एक नवविवाहिता ने अपने मायके में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मिली जानकारी के अनुसार मृतका की शादी कुछ ही दिन पूर्व दुमका जिले के सरैयाहाट थाना क्षेत्र में हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद होने लगा था। घरेलू कलह और आपसी मतभेदों के कारण युवती मानसिक तनाव में रहने लगी थी।
शादी के बाद शुरू हुआ तनाव
परिजनों ने बताया कि शादी के बाद से ही पति के साथ उसका रिश्ता सामान्य नहीं चल रहा था। छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद बढ़ने लगे थे। धीरे-धीरे यह विवाद इतना बढ़ गया कि युवती मानसिक रूप से पूरी तरह टूटने लगी थी। तनाव से परेशान होकर वह कुछ दिन पहले अपने मायके देवघर आ गई थी। परिजनों को उम्मीद थी कि यहां का वातावरण उसे सुकून देगा, लेकिन उसकी मानसिक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।

डिप्रेशन ने छीनी जिंदगी
बताया जा रहा है कि युवती डिप्रेशन में थी और किसी से खुलकर बात नहीं कर पा रही थी। इसी मानसिक दबाव और अवसाद के चलते उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया। घटना के वक्त घर के अन्य सदस्य किसी काम से बाहर थे। जब परिजन घर लौटे तो युवती को कमरे में फंदे से लटका पाया। यह दृश्य देखकर परिवार में कोहराम मच गया। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिस ने शुरू की जांच
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए देवघर सदर अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हर एंगल से जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विवाह के बाद के हालात, पति-पत्नी के विवाद, युवती की मानसिक स्थिति और पारिवारिक परिस्थितियों की गहन जांच की जा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं किसी तरह का दबाव या प्रताड़ना तो नहीं थी।
ससुराल पक्ष से भी होगी पूछताछ
पुलिस का कहना है कि ससुराल पक्ष से भी पूछताछ की जाएगी ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। यदि किसी भी तरह की प्रताड़ना या दहेज जैसी बात सामने आती है, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

समाज के लिए चेतावनी
यह घटना एक बार फिर समाज के सामने बड़ा सवाल खड़ा करती है कि नवविवाहिताओं पर मानसिक दबाव और घरेलू कलह किस तरह जानलेवा साबित हो रहा है। छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करना और समय रहते समाधान न निकालना, कई बार जीवन छीन लेता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि शादी के बाद यदि कोई महिला या पुरुष मानसिक तनाव में हो तो उसे अकेला छोड़ने के बजाय काउंसलिंग और पारिवारिक सहयोग बेहद जरूरी है।
डिप्रेशन को हल्के में न लें
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, डिप्रेशन कोई मामूली बीमारी नहीं है। यह धीरे-धीरे व्यक्ति को अंदर से तोड़ देता है। यदि समय रहते सही इलाज और सहयोग न मिले तो परिणाम बेहद भयावह हो सकते हैं।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और पारिवारिक सहयोग कितना जरूरी है।
इलाके में शोक का माहौल
घटना के बाद से इलाके में शोक का माहौल है। पड़ोसी और रिश्तेदार परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। हर कोई इस घटना से स्तब्ध है कि इतनी कम उम्र में युवती ने यह कदम क्यों उठाया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

