

देवघर, झारखंड। नगर थाना क्षेत्र के पानी टंकी स्थित डिपो में शनिवार को सफाई कर्मियों ने बकाया वेतन भुगतान को लेकर जमकर हंगामा किया। श्रावणी मेला और भादो मेला जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान दो महीने तक ड्यूटी करने वाले इन सफाई कर्मियों का आरोप है कि अभी तक उनके खातों में वेतन नहीं भेजा गया है। दुर्गा पूजा नजदीक होने के कारण सफाई कर्मियों में आक्रोश और बढ़ गया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि 2 बजे तक बकाया राशि का भुगतान नहीं हुआ, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
घटना का पूरा विवरण
शनिवार सुबह से ही पानी टंकी स्थित डिपो परिसर में सफाई कर्मी अपनी मांगों को लेकर इकट्ठा हुए। वे हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर नारेबाजी कर रहे थे। सफाई कर्मियों ने कहा कि श्रावणी और भादो मेला के दौरान उन्होंने दिन-रात मेहनत की, मगर अब तक उन्हें उनका हक नहीं मिला। उनका कहना है कि एजेंसी ने दो महीने का काम कराने के बाद भुगतान किए बिना कामकाज बंद कर दिया और अब वेतन का कोई अता-पता नहीं है।
सफाई कर्मी गुड़िया देवी ने मीडिया को बताया, “दो महीने तक लगातार काम किया। एजेंसी ने कहा था कि समय पर भुगतान होगा, लेकिन अब तक खाते में एक रुपया भी नहीं आया है। अगर दोपहर 2 बजे तक पैसा नहीं मिला तो हम सभी सफाई कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे।”
वहीं महिला सफाई कर्मी बेल ने कहा कि दुर्गा पूजा पास है और इस समय घर के खर्च बढ़ जाते हैं। ऐसे में बकाया भुगतान न होना परिवार के लिए बड़ी परेशानी है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक पैसा नहीं मिलेगा, सफाई कार्य पूरी तरह ठप रहेगा।
नगर प्रबंधक की पहल
मामले की जानकारी मिलते ही नगर प्रबंधक प्रकाश मिश्रा मौके पर पहुंचे। उन्होंने सफाई कर्मियों को समझाने की कोशिश की और कहा कि बकाया राशि के भुगतान की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने बताया कि श्रावणी और भादो मेला के दौरान कुल 108 सफाई कर्मियों को एजेंसी के माध्यम से काम पर लगाया गया था और एजेंसी द्वारा भुगतान की कार्रवाई की जा रही है।
प्रकाश मिश्रा ने सफाई कर्मियों से अपील की कि वे कामकाज बंद न करें क्योंकि इससे पूरे शहर की सफाई व्यवस्था पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि संबंधित एजेंसी से संपर्क कर जल्द से जल्द भुगतान सुनिश्चित कराने का प्रयास हो रहा है।
शहर की सफाई व्यवस्था पर संकट
देवघर धार्मिक नगरी है और यहां सालभर तीर्थयात्रियों की भीड़ लगी रहती है। ऐसे में सफाई कर्मियों की हड़ताल से शहर की साफ-सफाई पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। दुर्गा पूजा नजदीक होने से सफाई की जरूरत और बढ़ जाती है। अगर हड़ताल लंबी खिंचती है तो न सिर्फ आम नागरिकों को परेशानी होगी बल्कि पूजा पंडालों और सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी फैलने का खतरा रहेगा।
स्थानीय दुकानदारों और निवासियों ने भी चिंता जाहिर की है कि अगर समय पर भुगतान नहीं हुआ और हड़ताल शुरू हो गई, तो त्योहार के मौसम में गंदगी और कचरा जमा होने से स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ सकते हैं।
श्रावणी मेला और सफाई कर्मियों की भूमिका
देवघर का श्रावणी मेला हर साल लाखों कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। इस दौरान सफाई व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होती है। नगर निगम ने इस चुनौती को देखते हुए अस्थायी रूप से 108 सफाई कर्मियों की नियुक्ति की थी। इन कर्मियों ने लगातार दो महीने तक शहर की सफाई और कचरा प्रबंधन का काम संभाला। अब जब बकाया भुगतान में देरी हो रही है, तो उनका आक्रोश स्वाभाविक है।
एजेंसी की जिम्मेदारी पर सवाल
सफाई कर्मियों का कहना है कि वेतन भुगतान की जिम्मेदारी एजेंसी की थी जिसने श्रावणी और भादो मेला के दौरान उन्हें नियुक्त किया था। एजेंसी काम खत्म होने के बाद वापस चली गई और अब तक बकाया वेतन नहीं दिया गया। नगर निगम और एजेंसी के बीच तालमेल की कमी भी इस विवाद का बड़ा कारण मानी जा रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऐसी स्थिति बार-बार उत्पन्न होती है और प्रशासन को पहले से योजना बनाकर समय पर भुगतान की व्यवस्था करनी चाहिए।
आगे की स्थिति
सफाई कर्मियों ने दोपहर 2 बजे तक का अल्टीमेटम दिया है। यदि तब तक वेतन नहीं मिला तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी जाएगी। नगर प्रबंधक और निगम अधिकारी एजेंसी से लगातार संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि किसी तरह स्थिति को सामान्य किया जा सके।
यदि भुगतान में देरी जारी रहती है तो न केवल शहर की स्वच्छता प्रभावित होगी, बल्कि आने वाले दुर्गा पूजा के आयोजन पर भी इसका असर पड़ेगा।



