By: Vikash Mala Mandal
आज के डिजिटल दौर में जहां हर काम मोबाइल और लैपटॉप पर निर्भर हो गया है, वहीं इसका सीधा असर हमारी आंखों पर भी पड़ रहा है। हाल के दिनों में ‘डिजिटल आई स्ट्रेन’ यानी आंखों पर पड़ने वाला तनाव तेजी से बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, लगातार स्क्रीन देखने की आदत से आंखों में सूखापन, जलन और धुंधलापन जैसी समस्याएं आम हो गई हैं।

क्या है डिजिटल आई स्ट्रेन
डिजिटल आई स्ट्रेन एक ऐसी स्थिति है जिसमें लंबे समय तक मोबाइल, कंप्यूटर या टीवी स्क्रीन देखने से आंखों पर दबाव पड़ता है। इसे ‘कंप्यूटर विजन सिंड्रोम’ भी कहा जाता है। यह समस्या अब बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र के लोगों में देखने को मिल रही है।

क्यों बढ़ रही है यह समस्या
वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन पढ़ाई और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल ने स्क्रीन टाइम को कई गुना बढ़ा दिया है। लोग घंटों बिना ब्रेक लिए मोबाइल या लैपटॉप का उपयोग करते हैं, जिससे आंखों को आराम नहीं मिल पाता और समस्या गंभीर हो जाती है।
क्या हैं इसके लक्षण
डिजिटल आई स्ट्रेन के लक्षणों में आंखों में जलन, सूखापन, सिरदर्द, गर्दन और कंधे में दर्द, धुंधला दिखना और आंखों से पानी आना शामिल हैं। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह समस्या लंबे समय तक बनी रह सकती है।

कैसे करें बचाव
इससे बचने के लिए 20-20-20 नियम अपनाना बेहद फायदेमंद माना जाता है। हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी चीज को देखें। स्क्रीन की ब्राइटनेस संतुलित रखें और आंखों को बार-बार झपकाते रहें। काम करते समय सही दूरी और सही रोशनी का ध्यान रखना भी जरूरी है।

डाइट का भी रखें ध्यान
आंखों को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन A, C और E से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे गाजर, हरी सब्जियां, बादाम और फल अपने आहार में शामिल करें। पर्याप्त पानी पीना भी आंखों की नमी बनाए रखने में मदद करता है।

कब जाएं डॉक्टर के पास
अगर आंखों में लगातार दर्द, लालिमा या देखने में समस्या हो रही है, तो तुरंत आंखों के विशेषज्ञ से संपर्क करें। देर करने से समस्या बढ़ सकती है।

यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। किसी भी समस्या के लिए डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। स्वयं उपचार करने से बचें।

