दिवाली यानी रोशनी का त्योहार पूरे भारत में हर्ष और उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह पर्व हर साल कार्तिक अमावस्या की तिथि को मनाया जाता है और इस दिन दीपक जलाने का विशेष महत्व होता है। माना जाता है कि दीपावली की रात जब घर में दीपक जलाए जाते हैं, तो मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर घर में स्थायी रूप से निवास करती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दिवाली पर कितने दीपक जलाना शुभ माना जाता है, किस दिशा से दीप जलाना शुरू करना चाहिए और इस वर्ष दीपक जलाने का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा? आइए जानते हैं विस्तार से।
दिवाली 2025 में दीपावली की तिथि और शुभ मुहूर्त
साल 2025 में दीपावली का पावन पर्व 20 अक्टूबर (सोमवार) को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस दिन अमावस्या तिथि पूरे दिन और रात तक रहेगी।
शास्त्रों में कहा गया है कि दीपदान का सबसे शुभ समय प्रदोष काल माना जाता है, जो सूर्यास्त के बाद शुरू होता है। इस वर्ष सूर्यास्त लगभग शाम 5:30 बजे के आसपास होगा, इसलिए दीपक जलाने का उत्तम समय शाम 5:30 बजे से रात 8:00 बजे तक रहेगा।
दिवाली पर कितने दीपक जलाना चाहिए?
धार्मिक ग्रंथों में दीपावली की रात दीपक जलाने के कुछ विशेष नियम बताए गए हैं। परंपरा के अनुसार, 13 दीपक जलाना सबसे शुभ माना गया है। ये 13 दीपक मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए जलाए जाते हैं।
अगर आप चाहें तो घर के हर कोने में दीपक जलाकर माहौल को और पवित्र बना सकते हैं। मुख्य द्वार पर दीपक जलाना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि यही वह स्थान है जहाँ से मां लक्ष्मी घर में प्रवेश करती हैं।
किस दिशा से दीपक जलाना शुरू करें?
शास्त्रों के अनुसार दीपक जलाना पूर्व दिशा से प्रारंभ करना शुभ माना जाता है। पहले मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्ति के सामने दीपक जलाएं। इसके बाद घर के मुख्य द्वार, रसोईघर, तिजोरी या धन रखने की जगह, और आंगन में दीपक जलाएं।
साथ ही, तुलसी के पौधे के पास और घर की छत पर चारों दिशाओं में दीपक अवश्य जलाएं। यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में मदद करता है और घर में सुख-समृद्धि लाता है।
दीप जलाने की सही विधि (Deepak Jalane Ki Vidhi)
1. दीपक जलाने से पहले घर की पूरी सफाई कर लें और पूजा स्थल को गंगाजल से पवित्र करें।
2. दीपक में तिल का तेल या घी का प्रयोग करें, क्योंकि इसे शुद्ध और शुभ माना गया है।
3. दीपक में बत्ती जलाने से पहले मां लक्ष्मी और भगवान गणेश का ध्यान करें।
4. दीपक जलाने के बाद “शुभं करोति कल्याणं” मंत्र का जाप करें।
5. दीपक को हमेशा दक्षिण दिशा की ओर रखकर जलाएं, क्योंकि यह यम दीपक के रूप में माना जाता है जो अकाल मृत्यु से रक्षा करता है।
दिवाली पर दीपक जलाने के धार्मिक और वैज्ञानिक लाभ
धार्मिक रूप से दीपक जलाना अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है।
वैज्ञानिक दृष्टि से दीपों की रोशनी और तेल की सुगंध घर के वातावरण को शुद्ध करती है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाती है।
दीपक जलाने से मन में शांति और आत्मविश्वास का संचार होता है।
दिवाली की रात पूरे घर में दीपक जलाना न केवल मां लक्ष्मी को प्रसन्न करता है बल्कि जीवन में उजाला और समृद्धि लाता है। इस बार दीपावली पर प्रदोष काल में शुभ मुहूर्त में दीपक जलाएं और पूरे मन से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करें।
इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय आकलन पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी प्रदान करना है। NewsBag.in किसी भी जानकारी की सटीकता या प्रभाव की जिम्मेदारी नहीं लेता। पाठकों से आग्रह है कि किसी भी धार्मिक अनुष्ठान से पहले अपने पंडित या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

