बिहार की सियासत और अपराध जगत से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। दुलारचंद यादव हत्याकांड में आरोपित जेडीयू प्रत्याशी और मोकामा के बाहुबली नेता अनंत सिंह को शनिवार को सिविल कोर्ट में पेश किया गया। भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच अनंत सिंह को कोर्ट लाया गया, जहां मामले की सुनवाई के दौरान अदालत परिसर में सुरक्षा के सख्त इंतज़ाम देखे गए।
कड़ी सुरक्षा में हुई पेशी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अनंत सिंह को कोर्ट में पेशी के लिए विशेष पुलिस बल की निगरानी में लाया गया। अदालत परिसर में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए चारों ओर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
अनंत सिंह को सुबह करीब 11 बजे कोर्ट में लाया गया, जहां न्यायिक अधिकारी ने उनसे संबंधित केस की सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की।
जानकारी के मुताबिक, दुलारचंद यादव हत्याकांड से जुड़ा यह मामला पिछले कई वर्षों से चर्चा में है। इस केस में कई बार तारीखें बदल चुकी हैं, लेकिन अब मामले में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
क्या है दुलारचंद यादव हत्याकांड?
दुलारचंद यादव हत्याकांड बिहार के चर्चित मामलों में से एक है। बताया जाता है कि मोकामा इलाके में दबदबा कायम रखने को लेकर दो गुटों में लंबे समय से वर्चस्व की लड़ाई चल रही थी। इसी बीच 2019 में दुलारचंद यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में अनंत सिंह का नाम सामने आने के बाद से ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी। अनंत सिंह उस समय निर्दलीय विधायक थे और अब वे जेडीयू के उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में हैं।
कोर्ट में अनंत सिंह के वकील ने क्या कहा
कोर्ट में पेशी के दौरान अनंत सिंह के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल पर लगे आरोप राजनीतिक साजिश के तहत लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि केस की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
वहीं, अभियोजन पक्ष ने कहा कि इस केस में पर्याप्त सबूत मौजूद हैं और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
पुलिस की तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था
पेशी के दौरान जिला पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। कोर्ट परिसर और उसके आसपास लगभग 200 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।
पुलिस ने बताया कि अनंत सिंह के समर्थकों को कोर्ट परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। किसी भी तरह की भीड़ या नारेबाजी पर रोक लगाई गई थी।
इसके अलावा, पुलिस ने कोर्ट परिसर में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी भी बढ़ा दी थी ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
अनंत सिंह की कोर्ट पेशी के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष ने इस पूरे मामले को लेकर नीतीश कुमार की सरकार पर हमला बोला है।
आरजेडी नेताओं का कहना है कि अपराध के मामलों में लिप्त नेताओं को टिकट देना एनडीए के दोहरे चरित्र को उजागर करता है।
वहीं, जेडीयू नेताओं ने कहा कि मामला न्यायालय में है और कानून अपना काम करेगा। किसी को भी दोषी ठहराने का अधिकार अदालत को है, न कि विपक्ष को।

अनंत सिंह का राजनीतिक सफर और विवाद
मोकामा विधानसभा सीट से कई बार विधायक रह चुके अनंत सिंह बिहार की राजनीति में एक बड़ा नाम हैं।
वे पहले राजद के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन बाद में जेडीयू में शामिल हो गए।
उनका नाम कई आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है — जिनमें हत्या, रंगदारी, और अवैध हथियार रखने जैसे आरोप शामिल हैं।
इसके बावजूद, वे अपने इलाके में “छोटे सरकार” के नाम से लोकप्रिय हैं और जनता में उनका असर आज भी कायम है।
आगे की कार्रवाई क्या होगी?
कोर्ट ने सुनवाई के बाद अगली तारीख तय की है और पुलिस को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
अनंत सिंह को फिलहाल न्यायिक हिरासत में रखा गया है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच के कई अहम बिंदुओं पर काम किया जा रहा है, जिससे जल्द ही इस केस में बड़ा अपडेट सामने आ सकता है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
मोकामा और आसपास के इलाकों में इस खबर को लेकर लोगों में मिश्रित प्रतिक्रिया देखी जा रही है।
कुछ लोग इसे राजनीति से प्रेरित कार्रवाई बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए।
स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि इस केस में जल्द न्याय मिलेगा और असली अपराधियों को सजा दी जाएगी।
दुलारचंद यादव हत्याकांड बिहार के उन मामलों में से एक है जिसने राजनीति, अपराध और कानून के बीच की जटिलता को उजागर किया है।
अनंत सिंह की पेशी ने एक बार फिर से इस केस को सुर्खियों में ला दिया है।
अब सबकी निगाहें अदालत के अगले फैसले पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों में बिहार की सियासत पर बड़ा असर डाल सकता है।
