By: Vikash Kumar (Vicky)
झारखंड के दुमका में संताल परगना मोटर मजदूर संघ के अध्यक्ष अरुण सिंह पर हुए जानलेवा हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज बस मालिकों और कर्मचारियों ने मंगलवार को जिले में बस सेवा पूरी तरह ठप कर दी। इस दौरान बस मालिकों, चालकों और कर्मचारियों ने अटल बिहारी वाजपेयी बस पड़ाव में धरना-प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया। बस सेवा बंद रहने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा और पूरे बस स्टैंड क्षेत्र में सन्नाटा पसरा रहा।

दरअसल, 24 फरवरी को संताल परगना मोटर मजदूर संघ के अध्यक्ष अरुण सिंह पर बाइक सवार दो अज्ञात अपराधियों ने गोली चला दी थी। इस हमले में अरुण सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद उन्हें तत्काल इलाज के लिए पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज चला और अब वे स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। हालांकि इस घटना ने क्षेत्र के बस मालिकों और कर्मचारियों में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है।

घटना के बाद से ही बस मालिक और कर्मचारी लगातार पुलिस प्रशासन से हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। लेकिन घटना के करीब 15 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी। इसी बात को लेकर बस मालिकों और कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती गई। आखिरकार मंगलवार को संताल परगना मोटर मजदूर संघ के आह्वान पर दुमका जिले में बस सेवा पूरी तरह बंद कर दी गई और बस स्टैंड परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया।
सुबह से ही दुमका के अटल बिहारी वाजपेयी बस पड़ाव से एक भी बस अपने निर्धारित गंतव्य के लिए रवाना नहीं हुई। बस सेवा बंद रहने से सैकड़ों यात्री बस स्टैंड पर घंटों इंतजार करते रहे, लेकिन जब उन्हें पता चला कि बसों का परिचालन पूरी तरह बंद है तो उन्हें वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा। कई यात्रियों को निजी वाहनों या ऑटो-रिक्शा के माध्यम से अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा, जिससे उन्हें अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ा।

बस कर्मचारियों के आंदोलन को बस स्टैंड परिसर में स्थित दुकानदारों का भी समर्थन मिला। विरोध के समर्थन में कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। इसके चलते बस स्टैंड के आसपास के होटल, चाय दुकान और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी बंद रहे। दुकानदारों का कहना था कि बस मालिकों और कर्मचारियों की मांग जायज है और प्रशासन को जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करना चाहिए।
धरना-प्रदर्शन के दौरान बस मालिकों और कर्मचारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि जल्द ही हमलावरों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं है बल्कि पूरे बस परिवहन से जुड़े लोगों की सुरक्षा का मामला है।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि संताल परगना क्षेत्र में बस मालिक और कर्मचारी लगातार मेहनत कर लोगों को परिवहन सुविधा उपलब्ध कराते हैं, लेकिन यदि उनके नेताओं और कर्मचारियों पर ही इस तरह के हमले होंगे तो काम करना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करनी चाहिए।
इसी बीच धरना-प्रदर्शन के दौरान एक चौंकाने वाली घटना भी सामने आई। बस स्टैंड के गेट के पास मौजूद भीड़ में एक युवक के पास देसी कट्टा देखा गया। जैसे ही यह जानकारी पुलिस को मिली, पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए युवक को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। युवक की पहचान मंगल के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से देसी कट्टा बरामद कर उसे हिरासत में ले लिया है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है कि वह धरना स्थल पर हथियार लेकर क्यों पहुंचा था और उसकी मंशा क्या थी। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसका इस पूरे मामले से कोई संबंध है या नहीं।
घटना के बाद पुलिस प्रशासन भी सतर्क हो गया और बस स्टैंड परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की और आश्वासन दिया कि अरुण सिंह पर हुए हमले के आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच जारी है और कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
इधर बस मालिकों और कर्मचारियों का कहना है कि जब तक हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रह सकता है। हालांकि संघ के पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि वे प्रशासन के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें जल्द कार्रवाई का भरोसा चाहिए।

दुमका में बस सेवा बंद होने से आम लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। खासकर दूर-दराज के इलाकों से आने-जाने वाले यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और बस सेवा कब तक सामान्य हो पाती है।

