By: Vikash Kumar (Vicky)
दुमका। झारखंड के दुमका जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवक अपने बीमार पिता की हालत देखकर मानसिक रूप से इतना परेशान हो गया कि उसने खुद को गोली मार ली। गंभीर रूप से घायल युवक का इलाज पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना दुमका नगर थाना क्षेत्र की है। यहां जिला रोड निवासी लल्लू सिंह के 18 वर्षीय बेटे देव सिंह ने बुधवार की अहले सुबह करीब चार बजे अपने पिता की लाइसेंसी पिस्टल से अपनी कनपटी में गोली मार ली। गोली लगने के बाद युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के समय घर के अन्य सदस्य सो रहे थे। अचानक गोली की आवाज सुनकर परिजन कमरे की ओर दौड़े। जब उन्होंने कमरे का दरवाजा खोला तो देखा कि देव सिंह खून से लथपथ जमीन पर गिरा पड़ा था। इसके बाद परिजनों और पड़ोस में रहने वाले रिश्तेदारों की मदद से उसे तुरंत इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया।

अस्पताल में प्राथमिक इलाज के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि गोली युवक के सिर के आर-पार हो गई है, जिससे उसकी स्थिति बेहद गंभीर हो गई। चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उसे तुरंत रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित हेल्थ वर्ल्ड अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां युवक का इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
पिता की बीमारी बनी तनाव की वजह
परिजनों के अनुसार, देव सिंह अपने पिता लल्लू सिंह की बीमारी को लेकर लंबे समय से मानसिक तनाव में था। बताया जा रहा है कि लल्लू सिंह पहले ठेकेदारी का काम करते थे, लेकिन पिछले काफी समय से वे गंभीर रूप से बीमार चल रहे हैं। हाल ही में उनका इलाज कराने के लिए उन्हें बेंगलुरु ले जाया गया था, जहां से तीन दिन पहले ही वे घर लौटे थे।

परिवार वालों का कहना है कि बीमारी के कारण लल्लू सिंह की स्थिति ऐसी हो गई थी कि वे चलने-फिरने तक में असमर्थ हो गए थे। पिता की इस हालत को देखकर देव सिंह बेहद परेशान रहने लगा था। देव अपने माता-पिता का सबसे छोटा बेटा बताया जा रहा है और उसकी दो बड़ी बहनें हैं।
बताया जाता है कि देव ने इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी कर ली थी और अपने पिता की बीमारी के कारण वह अक्सर चिंता में डूबा रहता था। परिजनों का कहना है कि युवक पिता की हालत से मानसिक रूप से टूट चुका था और इसी वजह से उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया।

परिवार में पसरा मातम
घटना के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है। युवक की मां और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि देव सिंह स्वभाव से शांत और जिम्मेदार युवक था। वह अपने परिवार से काफी जुड़ा हुआ था और पिता की सेवा में हमेशा लगा रहता था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस घटना ने पूरे मोहल्ले को स्तब्ध कर दिया है। लोगों का कहना है कि मानसिक तनाव और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण युवाओं में निराशा बढ़ रही है, जो समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
पुलिस कर रही जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घर से लाइसेंसी पिस्टल जब्त कर ली है और घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।

मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंता
यह घटना एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक तनाव के मुद्दे को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि गंभीर बीमारी से जूझ रहे परिजनों की देखभाल के दौरान परिवार के अन्य सदस्यों को भी मानसिक समर्थन की जरूरत होती है। यदि समय रहते उचित परामर्श और सहयोग मिल जाए तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।
समाजशास्त्रियों का मानना है कि युवाओं में बढ़ते तनाव और भावनात्मक दबाव को लेकर जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। परिवार और समाज को मिलकर ऐसे युवाओं को भावनात्मक सहारा देना चाहिए ताकि वे किसी भी तरह के गलत कदम उठाने से बच सकें।

समाज के लिए चेतावनी
दुमका की यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि मानसिक तनाव और भावनात्मक समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। समय पर संवाद, सहानुभूति और सहयोग किसी भी व्यक्ति को मुश्किल परिस्थितियों से उबरने में मदद कर सकता है।
फिलहाल घायल युवक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है और परिवार सहित पूरे इलाके के लोग उसके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं।
