देश में अवैध ऑनलाइन बेटिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में अब मशहूर YouTuber और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अनुराग द्विवेदी का नाम सामने आया है। ईडी ने अनुराग द्विवेदी से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और बैंक लेन-देन से जुड़ी जानकारियां जुटाई हैं। मामला कथित तौर पर अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म के प्रमोशन और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, ईडी को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि कुछ बड़े सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अवैध बेटिंग ऐप्स और वेबसाइट्स का प्रचार कर रहे हैं। इसी जांच के दौरान अनुराग द्विवेदी का नाम सामने आया, जिनके यूट्यूब चैनल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाखों फॉलोअर्स हैं। एजेंसी को शक है कि प्रमोशन के बदले उन्हें भारी रकम मिली, जिसे अलग-अलग खातों और शेल कंपनियों के जरिए घुमाया गया।
क्या है पूरा मामला?
प्रवर्तन निदेशालय की शुरुआती जांच में सामने आया है कि अनुराग द्विवेदी ने कथित तौर पर कुछ अवैध ऑनलाइन बेटिंग और गेमिंग प्लेटफॉर्म्स का प्रचार किया। ये प्लेटफॉर्म भारत में गैरकानूनी तरीके से संचालित हो रहे थे और युवाओं को जल्दी पैसा कमाने का लालच देकर फंसाया जा रहा था।
ईडी को शक है कि इन प्लेटफॉर्म्स से होने वाली कमाई को हवाला, क्रिप्टो ट्रांजैक्शन और फर्जी कंपनियों के जरिए सफेद किया गया। इसी वजह से इस मामले में PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत कार्रवाई की जा रही है।
करोड़ों के लेन-देन की जांच
सूत्र बताते हैं कि जांच एजेंसी को अनुराग द्विवेदी से जुड़े बैंक खातों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन के सबूत मिले हैं। कई ट्रांजैक्शन विदेशों से भी जुड़े हो सकते हैं, जिसकी जांच के लिए ईडी ने अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से संपर्क किया है।
ईडी अधिकारियों का मानना है कि सोशल मीडिया के प्रभाव का इस्तेमाल कर अवैध प्लेटफॉर्म्स को प्रमोट करना एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जिसमें कई अन्य इन्फ्लुएंसर भी शामिल हो सकते हैं।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर कसा शिकंजा
यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर का नाम ऐसे मामले में सामने आया हो। हाल के महीनों में ईडी और अन्य जांच एजेंसियों ने अवैध ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग प्रमोशन के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बड़ी फैन फॉलोइंग वाले यूट्यूबर्स और सेलेब्रिटीज के जरिए युवाओं को निशाना बनाया जाता है। यही कारण है कि अब एजेंसियां सीधे प्रमोशन करने वालों तक पहुंच रही हैं।
क्या बढ़ सकती हैं मुश्किलें?
अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो अनुराग द्विवेदी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। PMLA के तहत दोषी पाए जाने पर भारी जुर्माने के साथ-साथ जेल की सजा का भी प्रावधान है। फिलहाल ईडी ने उन्हें जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं और पूछताछ का दौर जारी है।
हालांकि, अभी तक अनुराग द्विवेदी की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। कानूनी जानकारों का कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहेगा और आने वाले दिनों में कई बड़े नाम जांच के दायरे में आ सकते हैं।
युवाओं के लिए चेतावनी
यह मामला उन युवाओं के लिए भी एक चेतावनी है, जो ऑनलाइन बेटिंग और गेमिंग ऐप्स के झांसे में आ जाते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसे प्लेटफॉर्म न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि कानूनी परेशानी में भी डाल सकते हैं।
आगे क्या?
ईडी की जांच अभी शुरुआती दौर में है। आने वाले दिनों में और छापेमारी, पूछताछ और संभावित गिरफ्तारी से इनकार नहीं किया जा सकता। एजेंसी का फोकस इस पूरे नेटवर्क को उजागर करने पर है, ताकि अवैध बेटिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।
