By: Vikash Kumar (Vicky)
नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों सदस्यों के लिए एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है। EPFO जल्द ही अपनी नई डिजिटल प्रणाली EPFO 3.0 लॉन्च करने की तैयारी में है। इस नई व्यवस्था के तहत प्रोविडेंट फंड (PF) निकालने की प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज हो जाएगी। खास बात यह है कि अब सदस्य UPI के माध्यम से भी अपने PF का पैसा निकाल सकेंगे। इससे देशभर के करीब 8 करोड़ EPFO सदस्यों को सीधा लाभ मिलेगा।

डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदम
केंद्र सरकार लगातार डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा दे रही है। इसी कड़ी में EPFO 3.0 को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नई प्रणाली का उद्देश्य PF क्लेम प्रक्रिया को सरल बनाना, समय की बचत करना और पारदर्शिता बढ़ाना है। मौजूदा समय में PF निकालने के लिए ऑनलाइन क्लेम करना पड़ता है और कुछ मामलों में प्रक्रिया पूरी होने में कई दिन लग जाते हैं। EPFO 3.0 के बाद यह प्रक्रिया काफी तेज और आसान होने की उम्मीद है।

UPI से सीधे खाते में पैसा
नई ऐप के जरिए सदस्य अपने UAN (Universal Account Number) से लॉगिन कर सकेंगे और क्लेम दर्ज कर सकेंगे। सबसे बड़ी सुविधा यह होगी कि क्लेम की राशि UPI के माध्यम से सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जा सकेगी। इससे बैंकिंग प्रक्रिया और भी तेज हो जाएगी। वर्तमान में NEFT या बैंक ट्रांसफर के जरिए भुगतान होता है, जिसमें 2 से 5 कार्यदिवस तक का समय लग सकता है। लेकिन UPI आधारित भुगतान से यह समय काफी कम हो सकता है।

8 करोड़ सदस्यों को फायदा
EPFO के तहत देशभर में लगभग 8 करोड़ से अधिक सदस्य पंजीकृत हैं। नई डिजिटल व्यवस्था से खासकर निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों, छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। मोबाइल ऐप के जरिए PF बैलेंस चेक करना, पासबुक डाउनलोड करना, KYC अपडेट करना और क्लेम स्टेटस ट्रैक करना पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा।

पेपरलेस और पारदर्शी प्रक्रिया
EPFO 3.0 के तहत अधिकतर सेवाएं पूरी तरह पेपरलेस होंगी। इससे दस्तावेजों की जरूरत कम होगी और फर्जीवाड़े पर भी रोक लगेगी। आधार, पैन और बैंक खाते की KYC पहले से लिंक होने पर क्लेम की प्रक्रिया स्वतः सत्यापित हो जाएगी। इससे कर्मचारियों को बार-बार कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

क्लेम रिजेक्शन में आएगी कमी
अक्सर KYC में गड़बड़ी या दस्तावेजों की कमी के कारण PF क्लेम रिजेक्ट हो जाता है। नई प्रणाली में रियल-टाइम वेरिफिकेशन की सुविधा होगी, जिससे त्रुटियों की संभावना कम होगी। सदस्य ऐप पर ही जरूरी सुधार कर सकेंगे और दोबारा आवेदन कर सकेंगे। इससे क्लेम रिजेक्शन की संख्या में कमी आने की उम्मीद है।

इमरजेंसी में तुरंत मदद
नौकरी छूटने, मेडिकल इमरजेंसी, शादी या घर खरीदने जैसे विशेष मामलों में PF की आंशिक निकासी की अनुमति होती है। EPFO 3.0 के जरिए ऐसी आपात स्थिति में तुरंत क्लेम करना संभव होगा। UPI के माध्यम से भुगतान होने से जरूरत के समय पैसा तेजी से उपलब्ध हो सकेगा।

सरकार का लक्ष्य – समयबद्ध भुगतान
सरकार का लक्ष्य है कि PF क्लेम का निपटारा अधिकतम 24 से 48 घंटे के भीतर हो। नई प्रणाली के लागू होने के बाद प्रोसेसिंग टाइम घटाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इससे कर्मचारियों का भरोसा भी बढ़ेगा और EPFO की सेवाएं अधिक विश्वसनीय बनेंगी।

डेटा सुरक्षा पर विशेष ध्यान
डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा भी एक अहम मुद्दा है। EPFO 3.0 में डेटा सुरक्षा के लिए उन्नत एन्क्रिप्शन तकनीक और मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे सदस्यों की व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रहेगी।
कब होगी लॉन्च?
हालांकि EPFO की ओर से आधिकारिक लॉन्च तारीख की घोषणा अभी नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार नई ऐप को जल्द ही चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सकता है। शुरुआत में कुछ क्षेत्रों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसे लागू किया जाएगा, जिसके बाद पूरे देश में विस्तार किया जाएगा।

क्या करें सदस्य?
EPFO सदस्य अपने UAN को सक्रिय रखें, आधार और बैंक खाते को अपडेट करें तथा मोबाइल नंबर लिंक रखें। इससे नई प्रणाली का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
EPFO 3.0 देश के करोड़ों कर्मचारियों के लिए राहत और सुविधा का बड़ा कदम साबित हो सकता है। UPI के माध्यम से PF निकासी की सुविधा न केवल समय बचाएगी बल्कि प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाएगी। डिजिटल युग में यह बदलाव कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है।
