By: Vikash Kumar (Vicky)
नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े करोड़ों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। ईपीएफओ ने तीन साल से अधिक समय से निष्क्रिय पड़े 31.86 लाख खातों में जमा करीब 11,000 करोड़ रुपये वापस करने का फैसला लिया है। यह कदम उन खाताधारकों के लिए अहम माना जा रहा है, जिनकी राशि लंबे समय से क्लेम या ट्रांसफर न होने के कारण अटकी हुई थी।

सूत्रों के अनुसार, इस रिफंड प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में 7.11 लाख ऐसे खातों की पहचान की गई है, जिनमें 1,000 रुपये से कम की राशि जमा है। इन खातों की रकम सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इससे खाताधारकों को बिना किसी जटिल प्रक्रिया के उनका पैसा वापस मिल सकेगा।
क्या है निष्क्रिय खाता?
ईपीएफओ के नियमों के अनुसार, यदि किसी कर्मचारी के खाते में तीन साल तक कोई योगदान नहीं होता और न ही कोई क्लेम किया जाता है, तो वह खाता ‘इनऑपरेटिव’ यानी निष्क्रिय घोषित कर दिया जाता है। आमतौर पर नौकरी बदलने, रिटायरमेंट या जानकारी के अभाव में ऐसे खाते निष्क्रिय हो जाते हैं।
सरकार का बड़ा फैसला क्यों?
सरकार का मानना है कि बड़ी संख्या में ऐसे कर्मचारी हैं, जिन्हें अपने पुराने पीएफ खाते की जानकारी नहीं है या उन्होंने राशि ट्रांसफर नहीं करवाई। इससे हजारों करोड़ रुपये लंबे समय से सिस्टम में अटके हुए हैं। इस स्थिति को देखते हुए श्रम मंत्रालय और ईपीएफओ ने विशेष अभियान के तहत इन खातों को क्लियर करने का निर्णय लिया है।

डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) मॉडल
इस बार ईपीएफओ डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) मॉडल का उपयोग कर रहा है। जिन खातों का आधार और बैंक खाता लिंक है, उनमें राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी। इससे भ्रष्टाचार और देरी की संभावना कम होगी। जिन खातों में आधार लिंक नहीं है, उन्हें पहले केवाईसी अपडेट करना होगा।
किसे मिलेगा फायदा?
इस फैसले से करीब 31.86 लाख खाताधारकों को फायदा होगा। खासकर वे कर्मचारी जो निजी क्षेत्र में काम करते हैं और नौकरी बदलने के दौरान पीएफ ट्रांसफर करना भूल गए। छोटे अमाउंट वाले खातों को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि सिस्टम पर कम दबाव पड़े और प्रक्रिया तेजी से पूरी हो सके।
कैसे चेक करें अपना स्टेटस?
खाताधारक ईपीएफओ की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने यूएएन (UAN) नंबर से लॉगिन कर सकते हैं। वहां ‘इनऑपरेटिव अकाउंट’ का स्टेटस देखा जा सकता है। यदि खाता निष्क्रिय है तो केवाईसी अपडेट कर उसे सक्रिय कराया जा सकता है।

क्या करना होगा?
1. अपना यूएएन नंबर एक्टिव रखें।
2. आधार और बैंक डिटेल्स को अपडेट करें।
3. मोबाइल नंबर को यूएएन से लिंक रखें।
4. केवाईसी दस्तावेजों की जांच करें।
विशेषज्ञों की राय
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और सिस्टम में फंसी राशि को वापस करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इससे कर्मचारियों का भरोसा भी बढ़ेगा और भविष्य निधि प्रणाली अधिक प्रभावी बनेगी।

आगे की योजना
ईपीएफओ आने वाले महीनों में बड़े अमाउंट वाले खातों की भी जांच करेगा। जिन खातों में 1,000 रुपये से अधिक की राशि है, उन्हें भी चरणबद्ध तरीके से निपटाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि अगले वित्त वर्ष तक अधिकतर निष्क्रिय खातों का समाधान कर दिया जाए।
ईपीएफओ का यह फैसला लाखों कर्मचारियों के लिए राहत भरा है। लंबे समय से अटकी राशि अब खाताधारकों तक पहुंचेगी। यदि आपका भी कोई पुराना पीएफ खाता है, तो तुरंत उसकी स्थिति जांच लें और जरूरी केवाईसी अपडेट कर लें। सरकार की इस पहल से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि कर्मचारियों को उनका हक भी समय पर मिल सकेगा।

