हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास को आनंद, उत्सव और भक्ति का महीना माना जाता है। यही वह समय होता है जब सर्दी विदा लेने लगती है और वसंत ऋतु का आगमन होता है। फाल्गुन का नाम आते ही लोगों के मन में होली और महाशिवरात्रि जैसे बड़े पर्वों की याद ताजा हो जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस महीने में की गई पूजा, व्रत और दान का विशेष फल मिलता है।

ऐसे में आइए जानते हैं फाल्गुन मास 2026 कब से शुरू हो रहा है, इसका धार्मिक महत्व क्या है और इस दौरान किन नियमों का पालन करना चाहिए।

फाल्गुन मास 2026 कब से शुरू होगा
पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास माघ पूर्णिमा के बाद शुरू होता है। वर्ष 2026 में माघ पूर्णिमा के बाद फाल्गुन मास का आरंभ होगा और यह चैत्र मास के आगमन तक रहेगा। इस पूरे महीने को वसंत ऋतु का प्रतीक माना जाता है, जिसमें वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

फाल्गुन मास का धार्मिक महत्व
शास्त्रों के अनुसार फाल्गुन मास में देवी-देवताओं की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस महीने में किए गए पुण्य कार्य कई गुना फल देते हैं। भगवान विष्णु, भगवान शिव और श्रीकृष्ण की उपासना के लिए यह महीना अत्यंत शुभ माना गया है। माना जाता है कि फाल्गुन में भक्ति, सेवा और दान करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

फाल्गुन में किन देवताओं की पूजा करनी चाहिए
फाल्गुन मास में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है, खासकर महाशिवरात्रि के कारण। इसके अलावा भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की आराधना भी अत्यंत फलदायी मानी जाती है। होली के समय श्रीकृष्ण और राधा की भक्ति का विशेष महत्व होता है। इस महीने तुलसी पूजन, शिवलिंग पर जल अर्पण और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना शुभ माना जाता है।

फाल्गुन मास के प्रमुख व्रत और त्योहार
फाल्गुन मास कई बड़े पर्वों से जुड़ा होता है। इस महीने महाशिवरात्रि का व्रत रखा जाता है, जो भगवान शिव को समर्पित होता है। इसके अलावा फाल्गुन पूर्णिमा के दिन होलिका दहन और अगले दिन रंगों की होली मनाई जाती है। कुछ स्थानों पर फाल्गुन अमावस्या और अन्य तिथियों पर भी विशेष व्रत और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।

फाल्गुन मास में पालन करने योग्य नियम
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार फाल्गुन मास में सात्विक जीवनशैली अपनाना शुभ माना जाता है। इस दौरान संयम, सत्य और अहिंसा का पालन करना चाहिए। जरूरतमंदों को दान देना, भोजन और वस्त्र का सहयोग करना पुण्यकारी होता है। साथ ही नकारात्मक विचारों और विवादों से दूर रहना भी इस महीने की विशेष परंपरा मानी जाती है।

फाल्गुन और वसंत ऋतु का संबंध
फाल्गुन मास वसंत ऋतु का प्रतीक है। इस समय प्रकृति में हरियाली, फूलों की खुशबू और सकारात्मकता दिखाई देती है। यही कारण है कि इसे उत्सवों का महीना कहा जाता है। होली का पर्व भी इसी उल्लास और आपसी प्रेम का प्रतीक है।

फाल्गुन मास 2026 भक्ति, आनंद और उत्सव का संगम लेकर आ रहा है। इस महीने में भगवान शिव, विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा, व्रत और दान से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।
सही नियमों के साथ इस पावन महीने का पालन करने से आध्यात्मिक शांति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

