By: Vikash Kumar (vicky)

गैस और एसिडिटी की समस्या क्यों बढ़ रही है
आजकल गैस, एसिडिटी और पेट फूलने की समस्या आम हो चुकी है। भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खानपान और तनाव के कारण बड़ी संख्या में लोग इन समस्याओं से जूझ रहे हैं। राहत पाने के लिए कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से गैस की दवाएं खरीदकर नियमित रूप से सेवन करने लगते हैं। खासतौर पर सुबह खाली पेट दवा लेना उनकी आदत बन जाती है। हालांकि, यह आदत लंबे समय में सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।

क्या गैस की दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं
अक्सर लोग मानते हैं कि एसिडिटी की दवाएं पूरी तरह सुरक्षित होती हैं और इनका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता। लेकिन सच्चाई इससे अलग है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, बिना जरूरत और बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक गैस की दवाओं का सेवन शरीर में कई तरह के नुकसान पहुंचा सकता है। ये दवाएं धीरे-धीरे शरीर पर असर डालती हैं और कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती हैं।

एक महिला की कहानी से समझें खतरा
सोशल मीडिया पर एक डॉक्टर द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, एक 35 वर्षीय महिला रोजाना सुबह खाली पेट Pantoprazole का सेवन करती थीं। शुरुआत में उन्हें इससे काफी राहत मिली, लेकिन धीरे-धीरे उनके शरीर में बदलाव आने लगे। उन्हें लगातार थकान, उदासी और किसी भी काम में रुचि न रहने जैसी समस्याएं महसूस होने लगीं। इसके अलावा हाथों में झनझनाहट और सुन्नपन जैसे लक्षण भी सामने आए, जिन्हें उन्होंने पहले सामान्य तनाव या एंग्जायटी समझ लिया।

विटामिन B12 की कमी का खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक ऐसी दवाओं का सेवन करने से शरीर में विटामिन B12 की कमी हो सकती है। यह विटामिन हमारे नर्वस सिस्टम और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी होता है। इसकी कमी से डिप्रेशन, कमजोरी, थकान और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं हो सकती हैं। कई मामलों में यह कमी दिल से जुड़ी बीमारियों का जोखिम भी बढ़ा सकती है।
भारत में बढ़ता इस्तेमाल और जागरूकता की कमी
चौंकाने वाली बात यह है कि भारत में लाखों लोग रोजाना एसिडिटी कम करने वाली दवाओं का सेवन करते हैं, लेकिन बहुत कम लोगों को इनके संभावित दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी होती है। अधिकतर मरीजों को यह नहीं बताया जाता कि उन्हें कौन-कौन से लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए या कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

हार्ट अटैक के संकेत हमेशा स्पष्ट नहीं होते
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हर हार्ट अटैक की शुरुआत सीने में दर्द से नहीं होती। कई बार इसकी शुरुआत थकान, मानसिक उदासी, हाथों में सुन्नपन और कमजोरी जैसे लक्षणों से भी हो सकती है। यही कारण है कि लंबे समय तक बिना निगरानी के गैस की दवाएं लेना खतरनाक साबित हो सकता है।
क्या करें और कैसे बचें
ऐसे में जरूरी है कि गैस या एसिडिटी की समस्या को हल्के में न लें। बार-बार दवा लेने की बजाय अपने खानपान और जीवनशैली में सुधार करें। समय पर भोजन करें, तली-भुनी चीजों से बचें और नियमित व्यायाम करें। अगर समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर ही दवा का सेवन करें।

यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। किसी भी दवा का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना न करें। यदि आपको लगातार गैस, एसिडिटी या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो रही हैं, तो तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लें।

