हिंदू धर्म में गुरुवार का व्रत विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है। यह दिन देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है, जिन्हें ज्ञान, धर्म, धन, विवाह और संतान सुख का कारक ग्रह कहा जाता है। मान्यता है कि श्रद्धा और नियमों के साथ गुरुवार का व्रत रखने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और रुके हुए कार्यों में सफलता मिलती है। खासकर विवाह में देरी, आर्थिक परेशानी, करियर में रुकावट और पारिवारिक तनाव से जूझ रहे लोगों के लिए यह व्रत अत्यंत फलदायी माना जाता है।

गुरुवार का व्रत कब से शुरू करना चाहिए
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार का व्रत किसी भी शुक्ल पक्ष के पहले गुरुवार से शुरू करना शुभ माना जाता है। हालांकि यदि किसी विशेष समस्या या मनोकामना के लिए व्रत किया जा रहा है, तो इसे गुरु ग्रह की अनुकूल दशा या गुरु पुष्य योग जैसे शुभ योग में शुरू करना और भी उत्तम फल देता है। ज्यादातर लोग 16 गुरुवार या 21 गुरुवार तक यह व्रत रखते हैं, लेकिन कुछ श्रद्धालु इसे जीवनभर भी करते हैं।
गुरुवार व्रत की पूजा विधि
गुरुवार के दिन प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और पीले या हल्के रंग के वस्त्र धारण करें। पूजा स्थान को साफ कर पीले कपड़े पर देवगुरु बृहस्पति या भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद पीले फूल, चंदन, अक्षत और धूप-दीप अर्पित करें। “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करें। व्रत कथा सुनना या पढ़ना भी आवश्यक माना जाता है, क्योंकि इससे व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
गुरुवार व्रत में क्या खाएं और क्या न खाएं
गुरुवार के व्रत में पीले रंग के खाद्य पदार्थों का विशेष महत्व होता है। चने की दाल, पीली दाल, केसर, हल्दी, केला और बेसन से बने व्यंजन शुभ माने जाते हैं। व्रती को नमक का सेवन नहीं करना चाहिए और खट्टे भोजन से परहेज करना चाहिए। इस दिन केले के पेड़ की पूजा और जरूरतमंदों को पीली वस्तुओं का दान करना भी बहुत शुभ माना जाता है।
गुरुवार व्रत का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरु ग्रह मजबूत होने से व्यक्ति को ज्ञान, मान-सम्मान, आर्थिक स्थिरता और वैवाहिक सुख प्राप्त होता है। जिन लोगों की कुंडली में गुरु कमजोर होता है, उनके जीवन में बार-बार बाधाएं आती हैं। ऐसे में गुरुवार का व्रत, गुरु मंत्र जाप और दान-पुण्य से गुरु दोष शांत होता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं।
गुरुवार व्रत से जुड़ी खास मान्यताएं
मान्यता है कि गुरुवार का व्रत रखने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। यह व्रत विशेष रूप से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और विवाह योग्य युवाओं के लिए लाभकारी माना जाता है। कहा जाता है कि सच्चे मन और श्रद्धा से किया गया गुरुवार का व्रत कभी निष्फल नहीं जाता।
यह लेख धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय आस्थाओं और सामान्य जानकारी पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सूचना देना है। किसी भी व्रत, पूजा या धार्मिक उपाय को अपनाने से पहले अपनी मान्यता और परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लें। न्यूजबैग किसी भी तरह के परिणाम की गारंटी नहीं देता।

