By: Vikash Kumar (Vicky)
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग सेहत से ज्यादा सुविधा को प्राथमिकता देने लगे हैं। जल्दी-जल्दी खाना बनाना, बार-बार तेल गर्म करना और दालों को बिना भिगोए ही कुकर में चढ़ा देना अब आम आदत बन चुकी है। लेकिन पोषण विशेषज्ञों और आयुर्वेद के अनुसार रसोई की ये छोटी-छोटी गलतियां धीरे-धीरे गट हेल्थ यानी आंतों के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा रही हैं। गट हेल्थ खराब होने पर न सिर्फ पाचन कमजोर होता है, बल्कि इम्युनिटी, त्वचा, वजन और मानसिक स्वास्थ्य तक प्रभावित हो सकता है।

बार-बार तेल गर्म करने से क्यों बिगड़ती है गट हेल्थ
अक्सर लोग एक ही तेल को बार-बार गर्म करके इस्तेमाल करते हैं, खासकर तले-भुने खाने में। जब तेल को बार-बार गर्म किया जाता है, तो उसमें ट्रांस फैट और हानिकारक टॉक्सिन बन जाते हैं। ये तत्व आंतों की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे गैस, एसिडिटी, कब्ज और सूजन जैसी समस्याएं होने लगती हैं। लंबे समय तक ऐसी आदत बनी रहे तो पाचन तंत्र कमजोर हो सकता है और गट में अच्छे बैक्टीरिया की संख्या कम होने लगती है।

बिना भिगोए दाल पकाने की गलती
दालें प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत मानी जाती हैं, लेकिन बिना भिगोए दाल पकाने से उनमें मौजूद एंटी न्यूट्रिएंट्स पूरी तरह खत्म नहीं होते। इससे दाल पचने में भारी लगती है और पेट फूलना, अपच और गैस जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। भिगोई हुई दाल न सिर्फ जल्दी पकती है, बल्कि पोषक तत्वों का अवशोषण भी बेहतर होता है, जिससे आंतों को लाभ मिलता है।
जरूरत से ज्यादा तेल और मसालेदार भोजन
बहुत ज्यादा तेल, तले-भुने और तीखे मसालेदार भोजन का नियमित सेवन गट हेल्थ का सबसे बड़ा दुश्मन माना जाता है। ऐसा खाना आंतों में सूजन बढ़ाता है और पाचन रसों के संतुलन को बिगाड़ देता है। इसका नतीजा यह होता है कि खाना ठीक से नहीं पच पाता और बार-बार पेट दर्द, जलन और एसिडिटी की समस्या होने लगती है।

सब्जियों को ज्यादा पकाना भी नुकसानदेह
अक्सर स्वाद या आदत के कारण सब्जियों को बहुत ज्यादा पकाया जाता है। इससे उनमें मौजूद फाइबर, विटामिन और मिनरल्स नष्ट हो जाते हैं। फाइबर की कमी से आंतों की सफाई ठीक से नहीं हो पाती, जिससे कब्ज और गट से जुड़ी समस्याएं बढ़ती हैं। हल्का पका हुआ या भाप में पका खाना आंतों के लिए ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।
रिफाइंड आटा और प्रोसेस्ड फूड का असर
रिफाइंड आटा, पैकेज्ड स्नैक्स, जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड गट हेल्थ को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। इनमें फाइबर की मात्रा बहुत कम और केमिकल्स ज्यादा होते हैं, जो आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को खत्म कर सकते हैं। इससे पाचन कमजोर होता है और वजन बढ़ने के साथ-साथ कई पुरानी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।

गट हेल्थ सुधारने के लिए क्या करें
खाना पकाने में ताजा तेल का इस्तेमाल करें और तलने से ज्यादा उबालने, भाप में पकाने या हल्का भूनने के तरीकों को अपनाएं। दालों और अनाज को पकाने से पहले भिगोने की आदत डालें। हरी सब्जियों को ज्यादा न पकाएं और रोजाना फाइबर युक्त भोजन जैसे फल, सब्जियां और साबुत अनाज को डाइट में शामिल करें। प्रोसेस्ड फूड और रिफाइंड आटे का सेवन सीमित रखें।
कुल मिलाकर, रसोई की ये आम लेकिन गलत आदतें धीरे-धीरे गट हेल्थ को खराब कर रही हैं। समय रहते इन पर ध्यान दिया जाए तो पाचन तंत्र मजबूत रह सकता है और शरीर लंबे समय तक स्वस्थ बना रह सकता है।
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी पर आधारित है। किसी भी गंभीर समस्या या डाइट में बड़े बदलाव से पहले डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

