By: Vikash Mala Mandal
हजारीबाग,रामनवमी के पावन अवसर पर जहां एक ओर पूरा देश भक्ति और उल्लास में डूबा रहा, वहीं झारखंड के हजारीबाग जिले में एक मासूम बालिका की निर्मम हत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक घटना के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिला मोर्चा ने सोमवार को समाहरणालय परिसर के बाहर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

धरना-प्रदर्शन के दौरान भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर न्याय की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने राज्य में बढ़ते अपराध और महिलाओं-बालिकाओं के खिलाफ हो रही घटनाओं पर गहरी चिंता जताई। उनका कहना था कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।

भाजपा महिला मोर्चा की नेत्री रीता चौरसिया ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि हजारीबाग की यह घटना देश को शर्मसार करने वाली है। उन्होंने इसे दिल्ली के चर्चित निर्भया कांड से भी अधिक गंभीर बताते हुए कहा कि एक मासूम बच्ची के साथ इस तरह की क्रूरता किसी भी सभ्य समाज के लिए अस्वीकार्य है। उन्होंने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड में अपराधियों को खुली छूट मिल गई है।
रीता चौरसिया ने कहा, “राज्य में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पूरी तरह से भगवान भरोसे है। आए दिन हत्या, दुष्कर्म और अत्याचार की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। यदि जल्द से जल्द दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती है और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा नहीं दी जाती है, तो भाजपा महिला मोर्चा पूरे राज्य में उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।”

धरना-प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” के नारे लगाए और सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि केवल घोषणाओं और योजनाओं से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से इस मामले की त्वरित जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की।
महिला मोर्चा की अन्य पदाधिकारियों ने भी धरने को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड में कानून व्यवस्था की स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अपराध नियंत्रण में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम जनता में भय का माहौल है।

धरने के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती की गई थी ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, लेकिन कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होती है तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

इस घटना ने न केवल हजारीबाग बल्कि पूरे राज्य में आक्रोश पैदा कर दिया है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस घटना की कड़ी निंदा कर रहे हैं और दोषियों को सख्त सजा देने की मांग कर रहे हैं। आम जनता का कहना है कि इस तरह की घटनाओं पर तत्काल और कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी अपराधी इस प्रकार का जघन्य अपराध करने की हिम्मत न कर सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार को पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करना होगा। साथ ही समाज में जागरूकता फैलाने और अपराधियों के खिलाफ त्वरित न्याय प्रणाली को लागू करने की आवश्यकता है।
फिलहाल, इस मामले में पुलिस जांच जारी है और प्रशासन का कहना है कि जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह होगा कि सरकार इस गंभीर मामले में कितनी तत्परता दिखाती है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।

