
फेफड़े (Lungs) हमारे शरीर का सबसे अहम हिस्सा हैं, जो ऑक्सीजन को शरीर के हर हिस्से तक पहुंचाने का काम करते हैं। लेकिन अक्सर लोग फेफड़ों से जुड़े शुरुआती लक्षणों को हल्के में ले लेते हैं, जिसके कारण बाद में गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ता है। अगर आपको बार-बार सीने में भारीपन, सांस लेने में तकलीफ, थकान, खांसी या बलगम जैसी समस्याएं हो रही हैं, तो यह फेफड़ों की खराब सेहत का संकेत हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि फेफड़ों से जुड़ी समस्या को समय रहते पहचान लेना बेहद जरूरी है, ताकि समय पर इलाज मिल सके और बड़े खतरे से बचा जा सके। आइए जानते हैं ऐसे लक्षणों के बारे में, जो लंग्स की गड़बड़ी की ओर इशारा करते हैं।
सीने में भारीपन
अगर बिना किसी कारण बार-बार सीने में दबाव या भारीपन महसूस हो रहा है, तो यह हृदय और फेफड़ों दोनों से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। इसे कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
सांस लेने में तकलीफ
थोड़ा सा चलने, सीढ़ियां चढ़ने या हल्की मेहनत करने पर ही अगर सांस फूलने लगे, तो यह अस्थमा, ब्रोंकाइटिस या फेफड़ों की किसी गंभीर समस्या की ओर इशारा कर सकता है।
लगातार खांसी और बलगम
लंबे समय तक खांसी रहना, खासकर बलगम के साथ, फेफड़ों के संक्रमण या अन्य बीमारी का लक्षण हो सकता है। यह स्थिति आगे चलकर टीबी या निमोनिया जैसी गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकती है।

थकान और कमजोरी
अगर बिना किसी मेहनत के शरीर हमेशा थका हुआ महसूस करे या कमजोरी लगे, तो यह भी सांस से जुड़ी दिक्कतों और फेफड़ों में ऑक्सीजन की कमी का संकेत हो सकता है।
आवाज में बदलाव
कभी-कभी आवाज भारी या करकरी होना भी फेफड़ों की समस्या का लक्षण हो सकता है। यह श्वसन नलिका में रुकावट या इंफेक्शन के कारण होता है।
खून के साथ खांसी आना
अगर खांसी के दौरान खून आता है, तो यह गंभीर समस्या का संकेत है। यह स्थिति टीबी, कैंसर या किसी बड़ी फेफड़ों की बीमारी की वजह से हो सकती है।

फेफड़ों की सेहत को कैसे बचाएं
धूम्रपान और तंबाकू का सेवन बिल्कुल न करें
प्रदूषण और धूल से बचने के लिए मास्क पहनें
पौष्टिक और संतुलित आहार लें
नियमित व्यायाम और योग करें
समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराते रहें
सीने में भारीपन, सांस लेने में कठिनाई या लगातार खांसी जैसे लक्षणों को कभी भी हल्के में न लें। ये फेफड़ों की गंभीर समस्या का शुरुआती संकेत हो सकते हैं। समय पर डॉक्टर से परामर्श लेकर आप अपनी सेहत को सुरक्षित रख सकते हैं।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी तरह से चिकित्सकीय सलाह (Medical Advice) का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श लेना अनिवार्य है।

