Air Pollution And Morning Walk: क्या वाकई सुबह की सैर सेहत के लिए हानिकारक हो सकती है?
अक्सर कहा जाता है कि सुबह की वॉक शरीर को फिट और मन को तरोताजा रखती है। लेकिन जब हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ हो और शहर स्मॉग की चादर में लिपटा हो, तो यह वॉक फायदेमंद नहीं बल्कि नुकसानदायक साबित हो सकती है। इन दिनों दिल्ली, नोएडा, पटना, लखनऊ जैसे कई शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ऐसे में सुबह-सुबह वॉक करने से शरीर में जहरीली गैसें और कणों का असर बढ़ सकता है।
सुबह की वॉक क्यों हो सकती है हानिकारक
जब हवा में प्रदूषण ज्यादा होता है, तब उसमें मौजूद हानिकारक गैसें और सूक्ष्म कण (PM 2.5, PM 10) हमारे फेफड़ों में जाकर जमा हो जाते हैं। सुबह के समय खासकर 5 बजे से 8 बजे के बीच स्मॉग का स्तर सबसे ज्यादा होता है क्योंकि उस वक्त तापमान कम रहता है और प्रदूषण ऊपर नहीं उठ पाता। ऐसे में सांस के जरिए यह सीधा शरीर के अंदर चला जाता है। इससे सांस संबंधी समस्याएं, आंखों में जलन, सिरदर्द, थकान और फेफड़ों में संक्रमण जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं।
कब करें वॉक ताकि नुकसान न हो
अगर आप फिट रहना चाहते हैं और वॉक करना नहीं छोड़ना चाहते तो समय का सही चयन बहुत जरूरी है।
सुबह की बजाय शाम को वॉक करें: शाम के समय 4 बजे से 6 बजे के बीच प्रदूषण का स्तर अपेक्षाकृत कम रहता है।
इनडोर वॉक करें: अगर बाहर की हवा ज्यादा खराब है तो घर के अंदर ट्रेडमिल या खुली बालकनी में हल्की वॉक करें।
AQI जांचना न भूलें: किसी भी दिन वॉक पर जाने से पहले मोबाइल ऐप या वेबसाइट से एयर क्वालिटी इंडेक्स जरूर जांचें। 200 से अधिक AQI वाले क्षेत्रों में वॉक करने से बचें।
मास्क पहनें: अगर बहुत जरूरी हो तो बाहर निकलते समय N95 मास्क जरूर पहनें, यह फेफड़ों को काफी हद तक सुरक्षित रखता है।
कौन-कौन लोग ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं
प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अस्थमा या एलर्जी से पीड़ित लोगों पर पड़ता है। इन लोगों को सुबह की ठंडी और प्रदूषित हवा से पूरी तरह बचना चाहिए।
प्रदूषण से बचाव के घरेलू उपाय
1. दिनभर पर्याप्त पानी पिएं ताकि शरीर में मौजूद विषैले तत्व बाहर निकल सकें।
2. आहार में तुलसी, अदरक, शहद, गिलोय और आंवला जैसे प्राकृतिक डिटॉक्स फूड शामिल करें।
3. घर के अंदर पौधे लगाएं जैसे स्नेक प्लांट, एलोवेरा, और पीस लिली — ये हवा को शुद्ध करने में मदद करते हैं।
फिटनेस जरूरी है, लेकिन सेहत उससे भी ज्यादा। प्रदूषण के बढ़े हुए स्तर में सुबह की वॉक करना शरीर को फायदा नहीं, बल्कि नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए इस मौसम में वॉक के समय और स्थान का ध्यान रखना जरूरी है। शाम की वॉक या घर के अंदर व्यायाम करना ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी रहेगा।
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। प्रदूषण या सांस संबंधी किसी भी समस्या की स्थिति में डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें। व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही वॉक या एक्सरसाइज की दिनचर्या तय करें।

