By: Vikash, Mala Mandal
देवघर। असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा सोमवार को एक दिवसीय दौरे पर बाबा नगरी देवघर पहुंचे। अपने इस धार्मिक दौरे के दौरान उन्होंने विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में विधि-विधान के साथ भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उनके साथ गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर मंदिर परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया था।

मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा देवघर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद सीधे सत्संग आश्रम गए, जहां उन्होंने कुछ समय व्यतीत किया। इसके बाद वे बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचे। मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन की ओर से उनके स्वागत की विशेष व्यवस्था की गई थी। वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत उन्हें मंदिर के वीआईपी गेट से अंदर ले जाया गया।
मंदिर पहुंचने के बाद सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी में मुख्यमंत्री को सीधे गर्भगृह तक ले जाया गया। यहां उन्होंने पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना की। पूजा के दौरान मंदिर के पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई।

पूजा-अर्चना के उपरांत मुख्यमंत्री ने मंदिर के पुरोहितों से आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके साथ ही उन्होंने मंदिर की परंपरा के अनुसार पूर्वजों की पोथी में अपना नाम भी दर्ज कराया। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जिसमें देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु अपने वंश का विवरण दर्ज कराते हैं।
मुख्यमंत्री के इस दौरे के दौरान मंदिर प्रशासन की ओर से उन्हें बाबा बैद्यनाथ का प्रतीक चिन्ह भेंट स्वरूप प्रदान किया गया। यह प्रतीक चिन्ह धार्मिक आस्था और सम्मान का प्रतीक माना जाता है।

हालांकि, मंदिर परिसर में मौजूद मीडिया कर्मियों ने मुख्यमंत्री से बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से परहेज किया। पूरे दौरे के दौरान वे मीडिया से दूरी बनाए रखते नजर आए।
मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। आम श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था को भी सुव्यवस्थित रखा, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा का यह दौरा पूरी तरह धार्मिक और निजी कार्यक्रम के तहत था। उन्होंने किसी राजनीतिक कार्यक्रम में भाग नहीं लिया और न ही कोई सार्वजनिक संबोधन किया।

देवघर का बाबा बैद्यनाथ धाम देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सावन और अन्य विशेष अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में पहुंच जाती है। ऐसे में किसी भी वीआईपी के आगमन को लेकर प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतनी पड़ती है।

मुख्यमंत्री के इस दौरे को धार्मिक आस्था से जोड़कर देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों के बीच भी इसको लेकर उत्साह देखने को मिला। हालांकि, सुरक्षा कारणों से आम लोगों की आवाजाही को कुछ समय के लिए सीमित किया गया था।

दौरे के अंत में मुख्यमंत्री मंदिर से निकलकर अपने अगले कार्यक्रम के लिए रवाना हो गए। उनके इस दौरे को शांतिपूर्ण और सफल बताया जा रहा है।

