By: Vikash Kumar (Vicky)
नई दिल्ली। रंगों के त्योहार होली से पहले राजधानी दिल्ली में बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। दिल्ली सरकार ने ड्राई डे की सूची में संशोधन करते हुए होली को इस सूची से बाहर कर दिया है। जारी आदेश के मुताबिक, 4 मार्च को होली के अवसर पर दिल्ली में शराब की दुकानें सामान्य दिनों की तरह खुली रहेंगी। इस फैसले के बाद राजधानी के कारोबारियों और उपभोक्ताओं के बीच चर्चा तेज हो गई है।

क्या है नया आदेश?
आमतौर पर राष्ट्रीय पर्व, धार्मिक अवसर या विशेष तिथियों पर दिल्ली में ड्राई डे घोषित किया जाता है। ड्राई डे के दिन शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहती है। लेकिन इस बार सरकार ने नई सूची जारी करते हुए होली को ड्राई डे से हटा दिया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 4 मार्च को सभी अधिकृत शराब दुकानें, बार और लाइसेंसधारी प्रतिष्ठान निर्धारित समय के अनुसार संचालित हो सकेंगे। हालांकि, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और आबकारी विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

क्यों लिया गया यह फैसला?
सूत्रों के अनुसार, त्योहारों के दौरान अवैध शराब की बिक्री और कालाबाजारी की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। जब ड्राई डे घोषित होता है, तो कुछ असामाजिक तत्व अवैध तरीके से शराब की बिक्री करते हैं, जिससे राजस्व का नुकसान और कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है। सरकार का मानना है कि अधिकृत दुकानों को खुला रखने से अवैध कारोबार पर अंकुश लगेगा और राजस्व में भी वृद्धि होगी। साथ ही उपभोक्ताओं को भी अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

पुलिस और प्रशासन अलर्ट
हालांकि दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई है, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि होली के दिन हुड़दंग, नशे में वाहन चलाने और सार्वजनिक स्थानों पर अशांति फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली पुलिस ने पहले ही विशेष गश्ती दल और चेकिंग अभियान की तैयारी कर ली है। शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्त चालान और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
व्यापारियों में खुशी
राजधानी के शराब विक्रेताओं ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि होली जैसे बड़े त्योहार पर दुकानें बंद रहने से भारी नुकसान होता था। संशोधित ड्राई डे सूची से उन्हें राहत मिलेगी और बिक्री में बढ़ोतरी की उम्मीद है। एक दुकानदार ने बताया कि पिछले वर्षों में ड्राई डे के कारण कई ग्राहक पहले से ही स्टॉक कर लेते थे, जिससे त्योहार के दिन बाजार ठप जैसा हो जाता था। इस बार स्थिति अलग रहने की संभावना है।

जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया
सरकार के इस फैसले पर लोगों की प्रतिक्रिया मिली-जुली है। कुछ लोगों का मानना है कि त्योहार के दिन शराब की बिक्री से अनुशासनहीनता बढ़ सकती है। वहीं अन्य लोगों का कहना है कि यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला है और उचित निगरानी के साथ बिक्री की अनुमति दी जानी चाहिए। सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से अपील की है कि त्योहार की गरिमा और शांति बनाए रखने के लिए सख्त निगरानी रखी जाए। विशेषकर सार्वजनिक स्थलों, कॉलोनियों और बाजार क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए।
ड्राई डे की बाकी सूची यथावत
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अन्य निर्धारित ड्राई डे यथावत रहेंगे। राष्ट्रीय पर्व जैसे 26 जनवरी, 15 अगस्त और 2 अक्टूबर समेत कुछ अन्य धार्मिक तिथियों पर शराब की बिक्री प्रतिबंधित रहेगी। केवल होली को संशोधित सूची में छूट दी गई है। आबकारी विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि सभी लाइसेंसधारी दुकानों को आदेश का पालन करना अनिवार्य होगा। किसी भी तरह के नियम उल्लंघन पर लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई हो सकती है।

त्योहार और जिम्मेदारी
विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहार का उद्देश्य खुशियां बांटना और सामाजिक सौहार्द को बढ़ाना है। ऐसे में नागरिकों की जिम्मेदारी बनती है कि वे संयम और मर्यादा के साथ त्योहार मनाएं। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे कानून का पालन करें और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचें।
दिल्ली सरकार के इस फैसले से होली के दिन राजधानी में शराब की दुकानें खुली रहेंगी, जिससे बाजार में रौनक बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। अब देखना होगा कि यह फैसला जमीनी स्तर पर किस तरह प्रभाव डालता है और त्योहार के दिन व्यवस्था कैसी रहती है।

