
नई दिल्ली। देशभर में सनसनी फैलाने वाले श्रीसीम यौन शोषण मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने आरोपी चैतन्यानंद को उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस की और विशेष टीम ने छापेमारी कर उसे हिरासत में लिया। फिलहाल चैतन्यानंद से पूछताछ की जा रही है।
गौरतलब है कि इस मामले में 17 छात्राओं ने चैतन्यानंद पर यौन शोषण और उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया था। छात्राओं की ओर से दर्ज शिकायतों के आधार पर पुलिस ने कई धाराओं में केस दर्ज किया था। लंबे समय से फरार चल रहे चैतन्यानंद की गिरफ्तारी को इस केस में बड़ी सफलता माना जा रहा है।
केस की पृष्ठभूमि
दिल्ली स्थित श्रीसीम संस्थान की 17 छात्राओं ने बीते महीनों में सामूहिक रूप से शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि संस्थान में पढ़ाई के नाम पर उन्हें मानसिक और शारीरिक शोषण झेलना पड़ा। छात्राओं ने अपने बयान में बताया था कि चैतन्यानंद ने दबाव और भय का माहौल बनाकर उनका शोषण किया।
पीड़िताओं के अनुसार, अगर वे विरोध करतीं तो उन्हें पढ़ाई और करियर बर्बाद करने की धमकी दी जाती थी। कई छात्राओं ने कहा कि आरोपी ने भरोसे का गलत फायदा उठाया और संस्थान की आड़ में गंदे खेल खेले।

पुलिस की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने जैसे ही शिकायतें दर्ज कीं, तुरंत एसआईटी (Special Investigation Team) का गठन किया। टीम ने तकनीकी सर्विलांस और मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए चैतन्यानंद की गतिविधियों पर नज़र रखी।
जांच में पता चला कि आरोपी फरार होकर लगातार ठिकाने बदल रहा था। आखिरकार पुलिस को सूचना मिली कि वह आगरा में छिपा हुआ है। इस आधार पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में क्या निकल रहा है?
सूत्रों के अनुसार, पुलिस पूछताछ में आरोपी से छात्राओं के आरोपों, संस्थान की गतिविधियों और नेटवर्क से जुड़े कई पहलुओं की जानकारी ले रही है। माना जा रहा है कि चैतन्यानंद के संपर्क में और लोग भी थे, जो इस गंदे खेल में शामिल हो सकते हैं।
जांच अधिकारी ने बताया कि पूछताछ में अब तक कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, लेकिन फिलहाल इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
छात्राओं की पीड़ा
17 छात्राओं की ओर से दिए गए बयान बेहद दर्दनाक हैं। उन्होंने बताया कि संस्थान में पढ़ाई और अनुशासन के नाम पर उन्हें नियंत्रित किया जाता था।
कई बार कक्षाओं और हॉस्टल में अजीब परिस्थितियां बनाई जाती थीं।
छात्राओं को धमकाकर चुप रहने के लिए मजबूर किया जाता था।
विरोध करने पर परीक्षा और करियर बर्बाद करने की धमकियां दी जाती थीं।
इन छात्राओं ने हिम्मत जुटाकर सामूहिक रूप से शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद ही पुलिस हरकत में आई।
समाज में गूंजा मामला
इस मामले ने देशभर में बहस छेड़ दी है। शिक्षा संस्थानों की आड़ में हो रहे ऐसे घिनौने अपराधों पर लोग सवाल उठा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी यह केस लगातार ट्रेंड कर रहा है।
कई संगठनों और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाए ताकि छात्राओं को न्याय मिल सके और भविष्य में कोई ऐसी हरकत करने से पहले सौ बार सोचे।

आगे की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने चैतन्यानंद को कोर्ट में पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस रिमांड पर लेकर उससे और पूछताछ की जाएगी ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।
कानून विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आरोप साबित हुए तो आरोपी को आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।
श्रीसीम यौन शोषण केस में चैतन्यानंद की गिरफ्तारी पीड़िताओं के लिए राहत की बड़ी खबर है। लेकिन असली न्याय तभी मिलेगा जब केस की जांच तेजी से पूरी हो और दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले।
यह मामला समाज के लिए भी एक सबक है कि शिक्षा के मंदिरों में बैठे लोग अगर अपराध की राह पकड़ लें, तो उनके खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है। छात्राओं की हिम्मत ने एक बार फिर साबित किया है कि सच की जीत हमेशा होती है।

