देवघर। एक बार फिर देवघर जिले का नाम राज्य स्तर पर स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हुआ है। वरिष्ठ पत्रकार अजय संतोषी के पुत्र और उभरते हुए युवा पावरलिफ्टर आयुष संतोषी ने अपने शानदार प्रदर्शन से देवघर ही नहीं बल्कि पूरे झारखंड को गौरवान्वित किया है। धनबाद जिले के नवाडीह स्थित असर्फी हॉस्पिटल के समीप होटल श्यामली में 20 दिसंबर 2025 को आयोजित Power Pro Classic Championship State Powerlifting Season-3 प्रतियोगिता में आयुष संतोषी ने अपनी दमदार ताकत और तकनीक का अद्भुत प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए।

इस प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में झारखंड, बिहार एवं पश्चिम बंगाल से करीब 500 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इतने बड़े स्तर की प्रतियोगिता में आयुष का प्रदर्शन न केवल प्रेरणादायक रहा, बल्कि यह देवघर जिले के खेल इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ गया।
सब जूनियर और जूनियर दोनों वर्गों में प्रथम स्थान
आयुष संतोषी ने सब जूनियर वर्ग (74 किलोग्राम) बेंच प्रेस प्रतियोगिता में कुल 23 प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। इसके साथ ही उन्होंने जूनियर वर्ग (74 किलोग्राम) बेंच प्रेस में भी अपनी श्रेष्ठता साबित की और 19 प्रतिभागियों को पराजित कर दूसरा स्वर्ण पदक जीत लिया।
दोनों वर्गों में एक साथ स्वर्ण पदक जीतना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। आयुष ने यह साबित कर दिया कि वे आने वाले समय में झारखंड ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाने की पूरी क्षमता रखते हैं।
सिद्धार्थ सिंह को कांस्य पदक
इस प्रतियोगिता में देवघर के एक और होनहार खिलाड़ी सिद्धार्थ सिंह ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने सब जूनियर पावरलिफ्टिंग वर्ग में कांस्य पदक जीतकर जिले का मान बढ़ाया। सिद्धार्थ की इस उपलब्धि से यह साफ जाहिर होता है कि देवघर में पावरलिफ्टिंग जैसे खेलों के प्रति युवाओं का रुझान लगातार बढ़ रहा है।
निरंतर अभ्यास और मजबूत कोचिंग का परिणाम
आयुष संतोषी और सिद्धार्थ सिंह दोनों ही खिलाड़ी अपने खेल का अभ्यास महावीर अखाड़ा में निरंतर रूप से कर रहे हैं। उन्हें कोच राजेश रंजन एवं संजय सिंह (स्मार्ट जिम) का मार्गदर्शन लगातार मिल रहा है। कोचों का कहना है कि आयुष बेहद अनुशासित, मेहनती और लक्ष्य के प्रति समर्पित खिलाड़ी हैं। उनका निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच ही उनकी सफलता का मुख्य कारण है।
एक वर्ष में सात स्वर्ण पदक और तीन ओवरऑल बेस्ट बेंचप्रेसर खिताब
गौरतलब है कि आयुष संतोषी ने वर्ष 2025 में अब तक देवघर जिले को कुल सात स्वर्ण पदक दिलाए हैं। इसके अलावा उन्होंने तीन बार ओवरऑल बेस्ट बेंचप्रेसर का खिताब भी अपने नाम किया है। इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करना उन्हें झारखंड के उभरते हुए शीर्ष पावरलिफ्टरों की श्रेणी में खड़ा करता है।

माता-पिता और गुरुजनों को दिया जीत का श्रेय
अपनी इस शानदार जीत के बाद आयुष संतोषी ने कहा कि उनकी सफलता के पीछे उनके माता-पिता, गुरुजन और कोचों का बहुत बड़ा योगदान है। विशेष रूप से उन्होंने अपनी माँ को अपनी सफलता का सबसे बड़ा आधार बताया। आयुष ने कहा,
“मेरी माँ का सहयोग और आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। यह जीत केवल मेरी नहीं, बल्कि पूरे देवघर जिले की जीत है।”
खेल संगठनों और गणमान्य लोगों ने दी बधाई
आयुष संतोषी की इस उपलब्धि पर देवघर जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष सुनील खवारे, युधिष्ठिर राय, सूरज झा, रीता चोरसिया सहित कई खेलप्रेमियों और गणमान्य लोगों ने उन्हें बधाई दी। सभी ने आयुष के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि ऐसे खिलाड़ी जिले के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
जिले में खुशी का माहौल
आयुष और सिद्धार्थ की इस सफलता से पूरे देवघर जिले में खुशी का माहौल है। खेल प्रेमियों का मानना है कि यदि इसी तरह खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन और सुविधाएं मिलती रहीं, तो आने वाले वर्षों में देवघर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल करेगा।
रिपोर्ट : विकाश कुमार (विक्की)
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