देवघर। देवघर शहर और आसपास के इलाकों में इन दिनों लगातार अजगर निकलने की घटनाओं से स्थानीय लोगों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है। बीते कुछ दिनों के भीतर विभिन्न रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों से अजगर देखे जाने की सूचनाएं सामने आ चुकी हैं। इसी क्रम में ताजा मामला शनिवार को देवघर के सातर रोड स्थित गैस गोदाम के समीप मार्बल गोदाम परिसर से सामने आया, जहां करीब 10 फीट लंबा विशालकाय अजगर मिलने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मार्बल गोदाम में कार्यरत कर्मचारियों ने उस समय अजगर को परिसर में रेंगते हुए देखा, जब वे अपने दैनिक कार्य में व्यस्त थे। अचानक अजगर को देख कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और उन्होंने तुरंत गोदाम खाली कर आसपास के लोगों को सतर्क किया। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई, हालांकि किसी ने भी अजगर को नुकसान पहुंचाने का प्रयास नहीं किया।
घटना की सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को सुरक्षित करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। रेस्क्यू टीम ने विशेष उपकरणों और पूरी सावधानी के साथ अजगर को काबू में करने की प्रक्रिया अपनाई। काफी मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित रूप से पकड़कर बोरे में रखा गया।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पकड़ा गया अजगर पूरी तरह स्वस्थ है और किसी प्रकार से घायल नहीं है। प्राथमिक जांच के बाद उसे सुरक्षित स्थान पर जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा, ताकि वह अपने प्राकृतिक आवास में वापस लौट सके। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि अजगर विषैला नहीं होता, लेकिन इसका आकार बड़ा होने के कारण इससे खतरा हो सकता है, इसलिए सावधानी बेहद जरूरी है।

वन विभाग के अनुसार, हाल के दिनों में मौसम में बदलाव, लगातार बारिश और प्राकृतिक आवासों में छेड़छाड़ के कारण जंगली जीव आबादी वाले इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं। जंगल क्षेत्रों के आसपास बढ़ते निर्माण कार्य और खाद्य स्रोतों की तलाश में अजगर जैसे जीव शहर की सीमाओं तक पहुंच रहे हैं। देवघर में यह कोई पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी कई मोहल्लों, खेतों और घरों के आसपास अजगर देखे जा चुके हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं में डर का माहौल बना हुआ है। खासकर रात के समय लोग बाहर निकलने से कतराने लगे हैं। लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाई जाए और जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि लोग सही जानकारी के साथ सुरक्षित रह सकें।
वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी अजगर या कोई अन्य जंगली जीव दिखाई दे, तो घबराएं नहीं। न तो उसे पकड़ने का प्रयास करें और न ही किसी प्रकार से नुकसान पहुंचाएं। तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित टीम मौके पर पहुंचकर सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर सके।
वन अधिकारियों ने यह भी कहा कि कई बार लोग डर या अज्ञानता के कारण जंगली जीवों को नुकसान पहुंचा देते हैं, जो कानूनन अपराध है। वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत जंगली जीवों को मारना या नुकसान पहुंचाना दंडनीय अपराध है। इसलिए सभी नागरिकों का कर्तव्य है कि वे वन्य जीवों के संरक्षण में सहयोग करें।
इधर, अजगर मिलने की सूचना के बाद सातर रोड और आसपास के क्षेत्रों में कुछ समय के लिए आवागमन भी प्रभावित रहा। हालांकि रेस्क्यू के बाद स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई। वन विभाग की त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने सराहना की और राहत की सांस ली।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में डरने की बजाय सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है। घरों और गोदामों के आसपास साफ-सफाई रखना, झाड़ियों को हटाना और खुले स्थानों पर रोशनी की व्यवस्था करना भी इस तरह की घटनाओं को कम कर सकता है।
लगातार सामने आ रही घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि मानव और वन्य जीवों के बीच संतुलन बनाए रखना समय की आवश्यकता है। इसके लिए प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों को भी जागरूक और जिम्मेदार बनने की जरूरत है।
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