By: Vikash Kumar (Vicky)
पटना। बिहार की राजनीति में हमेशा सुर्खियों में रहने वाले मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गए हैं। उन्होंने लाल टीका लगाकर बिहार विधानसभा में प्रवेश किया और शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। खास बात यह रही कि अनंत सिंह ने शपथ पत्र को बिना देखे ही एक सांस में शपथ ग्रहण कर ली, जिसे लेकर विधानसभा परिसर में काफी चर्चा होती रही।

लाल टीका लगाकर पहुंचे विधानसभा
बिहार विधानसभा में शपथ ग्रहण समारोह के दौरान अनंत सिंह पारंपरिक अंदाज में नजर आए। उनके माथे पर लाल टीका लगा हुआ था, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। जैसे ही वे विधानसभा परिसर पहुंचे, वहां मौजूद विधायकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच हलचल तेज हो गई। अनंत सिंह का यह अंदाज उनके समर्थकों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अनंत सिंह का लाल टीका लगाकर विधानसभा पहुंचना उनके पारंपरिक और धार्मिक झुकाव को दर्शाता है। वहीं, इसे राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पैर छूकर लिया आशीर्वाद
शपथ ग्रहण से पहले अनंत सिंह सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास पहुंचे और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। यह दृश्य विधानसभा में मौजूद सभी लोगों के लिए खास रहा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी उन्हें आशीर्वाद देते हुए मुस्कुराकर उनका स्वागत किया।
इस घटना को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इसे जदयू के भीतर मजबूत रिश्तों का संकेत मान रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक रणनीति के रूप में देख रहे हैं।

बिना देखे एक सांस में ली शपथ
शपथ ग्रहण के दौरान अनंत सिंह ने जो किया, उसने सभी को हैरान कर दिया। उन्होंने शपथ पत्र को बिना देखे ही पूरी शपथ एक सांस में पढ़ दी। उनकी इस शैली को देखकर विधानसभा में मौजूद कई विधायक और अधिकारी भी आश्चर्यचकित रह गए।
जानकारों का कहना है कि अनंत सिंह का यह आत्मविश्वास उनकी राजनीतिक पकड़ और अनुभव को दर्शाता है। वहीं, उनके समर्थकों ने इसे उनके नेतृत्व क्षमता का उदाहरण बताया।

दुलारचंद हत्याकांड से जुड़ा है नाम
अनंत सिंह का नाम दुलारचंद हत्याकांड में भी जुड़ा हुआ है। इस मामले में वे जेल में बंद रहे हैं। हालांकि, इसके बावजूद उनकी राजनीतिक सक्रियता और प्रभाव कम नहीं हुआ है। मोकामा क्षेत्र में उनका मजबूत जनाधार माना जाता है और यही कारण है कि वे लगातार चुनाव जीतते रहे हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि विवादों के बावजूद अनंत सिंह की लोकप्रियता उनके क्षेत्र में कायम है। यही वजह है कि वे हमेशा बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते नजर आते हैं।
समर्थकों में उत्साह का माहौल
अनंत सिंह के शपथ ग्रहण को लेकर उनके समर्थकों में काफी उत्साह देखा गया। विधानसभा के बाहर उनके समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। समर्थकों का कहना है कि अनंत सिंह क्षेत्र के विकास और जनता की समस्याओं को लेकर हमेशा सक्रिय रहते हैं।
समर्थकों ने कहा कि अनंत सिंह का शपथ लेना मोकामा क्षेत्र के लिए गर्व की बात है और वे आने वाले समय में क्षेत्र के विकास के लिए और बेहतर काम करेंगे।

राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
अनंत सिंह का शपथ ग्रहण केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं रहा, बल्कि यह राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। उनके लाल टीका लगाने, मुख्यमंत्री के पैर छूने और बिना देखे शपथ लेने जैसे घटनाक्रमों ने पूरे राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अनंत सिंह हमेशा अपने अलग अंदाज के लिए जाने जाते हैं और इस बार भी उन्होंने अपने व्यवहार से सबका ध्यान आकर्षित किया है।
मोकामा की राजनीति में मजबूत पकड़
मोकामा क्षेत्र में अनंत सिंह की मजबूत पकड़ मानी जाती है। वे कई बार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और जनता के बीच उनकी अलग पहचान है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अनंत सिंह क्षेत्र के विकास कार्यों और जनसमस्याओं को लेकर लगातार सक्रिय रहते हैं।
यही वजह है कि तमाम विवादों के बावजूद उनकी लोकप्रियता में कमी नहीं आई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में भी वे बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

बिहार की राजनीति में बना रहेगा असर
अनंत सिंह का यह शपथ ग्रहण समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह बिहार की राजनीति में उनके प्रभाव और मौजूदगी का प्रतीक बन गया है। उनके हर कदम पर राजनीतिक दलों और जनता की नजर बनी हुई है।
आने वाले समय में अनंत सिंह की राजनीतिक भूमिका क्या होगी, इस पर सभी की नजर टिकी हुई है। फिलहाल, उनके इस शपथ ग्रहण समारोह ने बिहार की राजनीति में नई चर्चा जरूर शुरू कर दी है।
