By: Vikash, Mala Mandal
झारखंड का प्रमुख धार्मिक शहर देवघर, जिसे देवनगरी के नाम से भी जाना जाता है, एक बार फिर स्वच्छता को लेकर चर्चा में है। बाबा बैद्यनाथ मंदिर की वजह से देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं, लेकिन शहर के कई हिस्सों में फैली गंदगी प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।

शहर में लगातार बढ़ती गंदगी और कचरे के ढेर को लेकर स्थानीय लोग लंबे समय से शिकायत कर रहे थे। नागरिकों का आरोप है कि कई बार नगर निगम में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे नाराज लोग अब खुलकर अपनी आवाज उठा रहे हैं।
इसी बीच जब इस समस्या की जानकारी नवनिर्वाचित मेयर रवि रावत को मिली, तो उन्होंने खुद मोर्चा संभाल लिया। मेयर रवि रावत अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ शहर के विभिन्न इलाकों का निरीक्षण करने निकल पड़े।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने पटेल चौक, सब्जी मार्केट, मंदिर क्षेत्र और विशेष रूप से बाबा बैद्यनाथ मंदिर के आसपास के इलाकों का जायजा लिया। इसके अलावा मंदिर के वीआईपी गेट के आसपास की स्थिति का भी उन्होंने बारीकी से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जो तस्वीर सामने आई, वह चिंताजनक थी। शहर के कई प्रमुख स्थानों पर कचरे का अंबार लगा हुआ था। सड़कों के किनारे गंदगी फैली हुई थी और नालियों की सफाई भी सही तरीके से नहीं हो रही थी। धार्मिक महत्व वाले इस शहर में इस तरह की स्थिति प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है।

मेयर रवि रावत ने मौके पर ही सफाई एजेंसी को फटकार लगाई और सख्त निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि शहर में इस तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी जगहों से तुरंत कचरा हटाया जाए और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।

सब्जी मार्केट क्षेत्र को लेकर भी मेयर ने विशेष चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाजार क्षेत्र में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए, क्योंकि यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग आते हैं। गंदगी से न सिर्फ बीमारी फैलने का खतरा रहता है बल्कि शहर की छवि भी खराब होती है।

मेयर ने यह भी कहा कि देवघर एक धार्मिक नगरी है और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुंदर वातावरण मिलना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी तरह की कोताही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि उनकी प्राथमिकता देवघर को स्वच्छता के मामले में देश के टॉप-10 शहरों में शामिल करना है। इसके लिए नगर निगम पूरी ताकत से काम करेगा और सफाई व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

स्थानीय लोगों ने मेयर के इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अगर इसी तरह नियमित निरीक्षण और सख्त कार्रवाई होती रही, तो निश्चित रूप से शहर की स्थिति में सुधार होगा।
हालांकि, अब देखना होगा कि यह सख्ती केवल निरीक्षण तक सीमित रहती है या वास्तव में जमीनी स्तर पर बदलाव भी नजर आता है। क्योंकि पहले भी कई बार इस तरह के दावे किए गए हैं, लेकिन हालात में ज्यादा सुधार नहीं हुआ।

देवघर जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थल के लिए स्वच्छता बेहद जरूरी है। यहां हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं और उनकी सुविधा एवं स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए साफ-सफाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
नगर निगम के लिए यह एक बड़ी चुनौती है, लेकिन अगर प्रशासन और जनता मिलकर प्रयास करें, तो देवघर को स्वच्छ और सुंदर शहर बनाया जा सकता है।

