By: Vikash kumar (Vicky)
देवघर। झारखंड के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन नगरी देवघर में नगर निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। नगर निकाय चुनाव के लिए नामांकन का आज अंतिम दिन था, जिसके चलते पूरे दिन समाहरणालय परिसर और आसपास का इलाका राजनीतिक गतिविधियों से गुलजार रहा। विभिन्न राजनीतिक दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों ने अपने समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल किया। इसी क्रम में अंतिम दिन चर्चित उम्मीदवार डॉक्टर गौरव कुमार सिंह ने महापौर पद के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया, जिसके बाद देवघर नगर निगम चुनाव और भी दिलचस्प हो गया है।

नामांकन के अंतिम दिन डॉ. गौरव कुमार सिंह अपने समर्थकों के साथ पूरे उत्साह और जोश के साथ समाहरणालय पहुंचे। इस दौरान उनके समर्थकों में भारी उत्साह देखा गया। नामांकन के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे और उन्होंने अपने उम्मीदवार के समर्थन में नारेबाजी भी की। डॉक्टर गौरव कुमार सिंह को कांग्रेस पार्टी का समर्थन प्राप्त होने से चुनावी समीकरण में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।
देवघर नगर निगम चुनाव में इस बार मुख्य रूप से तीन प्रमुख राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला देखने को मिल सकता है। भारतीय जनता पार्टी ने लंबे समय से पार्टी से जुड़ी और सक्रिय कार्यकर्ता रही रीता चौरसिया को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। रीता चौरसिया पार्टी संगठन में लंबे समय से कार्यरत रही हैं और क्षेत्र में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। भाजपा की ओर से उनके नाम की घोषणा के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है और वे चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंकते नजर आ रहे हैं।

वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने रवि रावत को अपना समर्थन दिया है। झामुमो का देवघर में मजबूत जनाधार माना जाता है, जिसके चलते रवि रावत को भी मजबूत उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा है। झामुमो कार्यकर्ता भी अपने उम्मीदवार के समर्थन में लगातार जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं और जनता के बीच जाकर विकास कार्यों के वादे कर रहे हैं।

कांग्रेस पार्टी की ओर से डॉक्टर गौरव कुमार सिंह को समर्थन मिलने के बाद चुनावी मुकाबला अब त्रिकोणीय होता नजर आ रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस के समर्थन से डॉक्टर गौरव सिंह को बड़ा फायदा मिल सकता है और इससे चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं। डॉ. गौरव कुमार सिंह क्षेत्र में सामाजिक कार्यों और चिकित्सा क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुके हैं, जिसके चलते उन्हें जनता का अच्छा समर्थन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस बार देवघर नगर निगम चुनाव में प्रत्याशियों की संख्या भी काफी अधिक देखने को मिल रही है। जानकारी के अनुसार, महापौर पद के लिए 22 से अधिक उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाखिल किया है। इतनी बड़ी संख्या में प्रत्याशियों के मैदान में उतरने से चुनावी मुकाबला काफी रोचक हो गया है। राजनीतिक दलों के अलावा कई निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

देवघर नगर निगम चुनाव को लेकर शहर में चर्चा का माहौल गर्म है। चाय की दुकानों से लेकर सार्वजनिक स्थलों तक चुनावी चर्चाएं जोरों पर हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता अपने-अपने उम्मीदवारों के समर्थन में लगातार जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। शहर के विभिन्न वार्डों में पोस्टर, बैनर और प्रचार वाहन भी नजर आने लगे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार देवघर नगर निगम चुनाव में विकास, स्वच्छता, पेयजल, सड़क और पर्यटन से जुड़े मुद्दे प्रमुख रूप से चुनावी एजेंडा बन सकते हैं। देवघर धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में शहर के विकास और आधारभूत सुविधाओं को लेकर जनता की अपेक्षाएं भी काफी बढ़ गई हैं।

नगर निगम चुनाव को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारी की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ चुनाव आचार संहिता के पालन को लेकर भी प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।
नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अब सभी उम्मीदवार चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में जुट गए हैं। आने वाले दिनों में शहर में चुनावी रैलियों, जनसभाओं और जनसंपर्क अभियानों की रफ्तार और तेज होने की संभावना है। सभी राजनीतिक दल और उम्मीदवार जनता को अपने पक्ष में करने के लिए विभिन्न वादे और योजनाएं प्रस्तुत कर रहे हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि देवघर की जनता किस उम्मीदवार पर भरोसा जताती है और किसे मेयर पद की जिम्मेदारी सौंपती है। चुनाव परिणाम आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि देवघर नगर निगम की बागडोर किसके हाथों में जाएगी। फिलहाल चुनावी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है और शहर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
देवघर नगर निगम चुनाव को लेकर जनता भी काफी उत्साहित नजर आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे ऐसे उम्मीदवार को चुनना चाहते हैं जो शहर के विकास, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए। अब सभी की नजर आगामी चुनाव और उसके परिणाम पर टिकी हुई है।
