By: Vikash Kumar (Vicky)
आज का पंचांग विवरण
17 जनवरी 2026, शनिवार का दिन हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर पड़ता है। यह तिथि पौष मास के अंतर्गत आती है और दिन-रात्रि चतुर्दशी रहने के कारण धार्मिक मान्यताओं में इसका विशेष महत्व है। आज सूर्य मकर राशि में है और चंद्रमा धनु राशि में स्थित है, जिससे दिन का पंचांग शुभ एवं कर्म-धर्म से जुड़े कार्यों हेतु उपयोगी जानकारी प्रदान करता है। इस दिन का पंचांग जीवन के हर क्षेत्र में सफलता, शांति और उन्नति के मार्गदर्शन के रूप में देखा जाता है।

तिथि, वार, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति
आज की तिथि कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी है, जो रात 12:03 बजे तक प्रभावी रहेगी। इसके पश्चात अमावस्या तिथि आरंभ हो जाएगी, जिसका प्रभाव अगले दिन तक रहेगा। आज का नक्षत्र सुबह तक मूल नक्षत्र है, और उसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र रहेगा। आस्था के अनुसार पंचांग में नक्षत्र का ज्ञान शुभ कार्यों हेतु समय का मार्गदर्शन करता है और यह बता सकता है कि किसी भी कार्य को किस समय करना फायदेमंद रहेगा।
शुभ मुहूर्त और शुभ समय
आज के पंचांग में कुछ विशेष शुभ मुहूर्त भी बताए गए हैं, जिनका उपयोग पूजा, दान, यात्रा या किसी नए कार्य की शुरुआत के लिए किया जा सकता है। सबसे प्रमुख अभिजीत मुहूर्त दोपहर लगभग 12:10 बजे से 12:52 बजे तक रहेगा, जिसे शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ समय माना जाता है। सुबह का ब्रह्म मुहूर्त लगभग 05:27 बजे से 06:21 बजे तक रहेगा, जो ध्यान, योग और धार्मिक साधना हेतु उत्तम समय होता है।
राहुकाल, यमगंड काल और अन्य अशुभ समय
पंचांग में कुछ ऐसे समय भी बताए जाते हैं, जिनमें किसी भी नए कार्य या शुभ कार्य का आरंभ नहीं करना चाहिए। आज का राहुकाल लगभग 09:53 बजे से 11:12 बजे तक रहेगा, जिसे परंपरागत तौर पर अशुभ समय माना जाता है। इसके अलावा यमगंड काल और गुलिक काल भी दिन में ऐसे समय हैं जिनके दौरान नए कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
17 जनवरी 2026 को सूर्योदय का समय लगभग 07:15 बजे है और सूर्यास्त का समय लगभग 05:47 बजे है। यह मध्य सुबह से साँझ तक का समय दिन के मुख्य भाग को दर्शाता है, जिसमें पूजा, कर्मकांड और सामाजिक गतिविधियाँ अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकती हैं। पंचांग में सूर्योदय और सूर्यास्त का समय बताना इसलिए भी आवश्यक है ताकि दिनचर्या को ग्रहों की स्थिति के अनुसार निर्धारित किया जा सके।

धार्मिक महत्व और उपाय
शनिवार का दिन भगवान शनि देव को समर्पित माना जाता है और इस दिन शनि देव की पूजा-अर्चना करने से जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने में सहायता मिल सकती है। पंचांग के अनुसार आज दान, पूजा, हनुमान चालीसा पाठ, सरसों का तेल दीपक में जलाकर भगवान शनि और हनुमानजी को अर्पित करने जैसे उपाय शुभ फल दे सकते हैं। इसके अतिरिक्त दान, ध्यान और जप आज के दिन सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने में उपयोगी रहते हैं।
पंचांग क्यों महत्वपूर्ण है?
हिंदू संस्कृति में पंचांग का महत्त्व सिर्फ तिथि नक्षत्र जानने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन के हर क्षेत्र में शुभ-आशुभ समय का मार्गदर्शन करता है। शुभ मुहूर्त, राहुकाल, ग्रहों की स्थिति तथा योग-करण के अनुसार व्यक्ति बेहतर निर्णय ले सकता है और धार्मिक, सामाजिक तथा व्यक्तिगत कार्यों को समयबद्ध तरीके से संपन्न कर सकता है। पंचांग का दैनिक अध्ययन व्यक्ति को दिनचर्या को सही तरीके से नियोजित करने में सहायता देता है।
यह पंचांग जानकारी सामान्य ज्योतिषीय स्रोतों पर आधारित है और धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप दी गई है। यह किसी भी चिकित्सीय, कानूनी या व्यक्तिगत निर्णय का विकल्प नहीं है। सभी कार्यों के लिए योग्य विशेषज्ञ से परामर्श लेना उचित है।

