By: Vikash Kumar (Vicky)
हिन्दू पंचांग केवल तिथि और वार बताने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारी धार्मिक परंपराओं, व्रत-उपवास और शुभ कार्यों का आधार भी है। पंचांग के माध्यम से सूर्योदय, सूर्यास्त, शुभ मुहूर्त, नक्षत्र और योग की जानकारी प्राप्त होती है, जिससे व्यक्ति अपने दिन की सही योजना बना सकता है। 19 फरवरी 2026 का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत विशेष है, क्योंकि आज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है और ब्रज में आज से फूलेरा दूज के साथ होली उत्सव का आरंभ माना जाता है। साथ ही यह दिन गुरुवार का है, जो भगवान विष्णु की आराधना के लिए समर्पित होता है।

आज है फूलेरा दूज, ब्रज में होली उत्सव की शुरुआत
फाल्गुन मास का आगमन होते ही वातावरण में उल्लास और उमंग दिखाई देने लगती है। महाशिवरात्रि के बाद लोगों की नजरें होली की ओर टिक जाती हैं। आज फूलेरा दूज का पर्व मनाया जा रहा है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान कृष्ण ने पहली बार राधा के साथ फूलों की होली खेली थी। इसी कारण ब्रज क्षेत्र में इस दिन फूलों से होली खेलने की परंपरा है, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिरों में विशेष श्रृंगार, भजन-कीर्तन और उत्सव का आयोजन होता है। फूलों की वर्षा के बीच श्रद्धालु आध्यात्मिक आनंद का अनुभव करते हैं।

गुरुवार का दिन और भगवान विष्णु की पूजा
आज गुरुवार है, जो भगवान विष्णु की आराधना के लिए शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत रखकर और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। पीले वस्त्र धारण करना और चने की दाल, हल्दी या पीले फल का दान करना शुभ फलदायी माना जाता है। आज का दिन नई योजनाओं की शुरुआत के लिए भी अनुकूल माना जा रहा है।

आज से रमजान का पवित्र महीना प्रारंभ
19 फरवरी 2026 से भारत में रमजान का महीना भी प्रारंभ हो चुका है। यह महीना मुस्लिम समुदाय के लिए इबादत, रोजा और आत्मसंयम का प्रतीक होता है। इस प्रकार आज का दिन धार्मिक सद्भाव और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण है।

19 फरवरी 2026 का पंचांग विवरण
तिथि: शुक्ल द्वितीया – दोपहर 03 बजकर 58 मिनट तक, इसके बाद तृतीया प्रारंभ
नक्षत्र: पूर्व भाद्रपद – रात्रि 08 बजकर 52 मिनट तक, इसके बाद उत्तर भाद्रपद
वार: गुरुवार
मास: फाल्गुन
पक्ष: शुक्ल पक्ष
द्वितीया तिथि के बाद शुक्ल तृतीया का आरंभ होगा, जो मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है। पंचांग के अनुसार आज के दिन पूजा-पाठ, दान और धार्मिक अनुष्ठान विशेष फल प्रदान कर सकते हैं।

आध्यात्मिक महत्व और ज्योतिषीय संकेत
फाल्गुन मास को आनंद, प्रेम और भक्ति का महीना कहा जाता है। इस समय चंद्रमा की शुक्ल पक्ष में वृद्धि होती है, जो सकारात्मक ऊर्जा और नए आरंभ का प्रतीक है। ज्योतिष के अनुसार शुक्ल पक्ष की तिथियां शुभ कार्यों के लिए अनुकूल मानी जाती हैं। आज का दिन विशेष रूप से भक्ति, प्रेम और सद्भाव का संदेश देता है।

19 फरवरी 2026 का यह दिन धार्मिक विविधता, परंपरा और उत्सव का अनूठा संगम लेकर आया है। फूलेरा दूज के साथ जहां ब्रज में रंग और फूलों की होली की शुरुआत होती है, वहीं गुरुवार की पूजा और रमजान का प्रारंभ आध्यात्मिक वातावरण को और भी पवित्र बना देता है।
डिस्क्लेमर: यह पंचांग सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है। क्षेत्र और पंचांग भेद के अनुसार तिथि और समय में अंतर संभव है। किसी भी विशेष अनुष्ठान या शुभ कार्य से पहले स्थानीय पंडित या विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

