By: Vikash Kumar (Vicky)
आज 6 जनवरी 2026, मंगलवार का दिन हिन्दू पंचांग के अनुसार धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि आज सकट चौथ (संकष्टी/संकट चौथ व्रत) के साथ कई शुभ योग बन रहे हैं। हिन्दू धर्म में सकट चौथ का व्रत विशेष रूप से भगवान गणेश की पूजा के लिए किया जाता है और इसे संकटों का नाश व कठिनाइयों से मुक्ति का उपाय माना जाता है।
आज की पंचांग जानकारी (दिनांक 06 जनवरी 2026)
आज कृष्ण पक्ष तृतीया/चतुर्थी तिथि सुबह 08:01 बजे से प्रारंभ होकर अगले दिन तक जारी रहेगी। चंद्रमा कर्क राशि में गोचर कर रहा है और नक्षत्र आश्लेषा से आगे मघा नक्षत्र में प्रवेश करेगा। आज का योग प्रीति है जो संध्या तक प्रभावी रहेगा। सूर्य का उदय प्रातः लगभग 06:45 बजे होगा और सूर्यास्त सायं लगभग 18:09 बजे होगा।

आज का पंचांग निम्नलिखित ज्योतिषीय घटकों पर आधारित है:
तिथि: कृष्ण पक्ष तृतीया सुबह तक, उसके बाद चतुर्थी शुरू
नक्षत्र: आश्लेषा (दोपहर तक) फिर मघा
योग: प्रीति
करण: विधि-विष्टि/बावा
वार: मंगलवार
सकट चौथ (संकष्टी चतुर्थी) व्रत और पूजा
आज सकट चौथ के रूप में व्रत रखा जाता है जिसे लंबोदर संकष्टी के नाम से भी जाना जाता है। यह व्रत विशेष रूप से माता-पिता अपने बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और खुशहाली के लिए करते हैं। व्रत के दौरान भगवान गणेश की पूजा विशेष विधि से की जाती है और चाँद के दर्शन के बाद व्रत तोड़ा जाता है। मंत्र जाप, तिल व गुड़ का भोग व अन्नदान आज अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है।
चंद्रोदय (Moonrise) और व्रत तोड़ने का समय
आज चंद्रमा का उदय रात के समय होगा जो व्रत तोड़ने का शुभ समय माना जाता है। नियमित धार्मिक परंपरा के अनुसार चंद्र दर्शन के पश्चात् ही उपवास का पारण करना चाहिए।
शुभ मुहूर्त और शुभ कार्य का समय
छोटे और बड़े कार्यों के लिए आज कुछ शुभ मुहूर्त ऐसे हैं जो ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार अनुकूल माने जा रहे हैं। सुबह के शुरुआती समय से मध्याह्न तक और अभिजीत मुहूर्त दोपहर के समय लगभग 11:44 बजे से 12:26 बजे तक शुभ कार्यों के लिए उत्तम समय माना जाता है।
राहुकाल (Rahu Kaal) और अन्य अशुभ काल
आज राहुकाल दोपहर लगभग 03:03 बजे से 04:21 बजे तक है, इस समय शुभ कार्यों से परहेज़ ही करना चाहिए। राहुकाल के अलावा गुलिका काल और यमघंटा जैसी अशुभ कालाएँ भी दिन में प्रभावी रह सकती हैं जिनमें नए कार्य या महत्वपूर्ण फैसले टालना श्रेष्ठ होता है।
आज के धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व
आज पंचांग के अनुसार न केवल सकट चौथ का व्रत है, बल्कि प्रीति योग एवं शुभ तिथि होने के कारण देवी-देवताओं के पूजन, यज्ञ, दान तथा पारिवारिक संस्कारों के लिए उत्तम माना जाता है। इस दिन धार्मिक अनुष्ठान से आत्मिक संतोष और मनोबल को भी बल मिलता है।
धार्मिक उपाय
सकट चौथ के दौरान कुछ सरल लेकिन प्रभावी उपाय जैसे गणेशजी को दूर्वा, मोदक, तिल तथा गुड़ का प्रसाद चढ़ाना, व्रत में संयम रखना, तथा चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत तोड़ने से भक्तों को जीवन में सकारात्मक बदलाव की अनुभूति होती है।
आगे की सलाह
आज का दिन दिनचर्या में संयम, सहनशीलता और धार्मिक आस्था को समर्पित रहकर बिताना चाहिए। दिन के शुभ समय में पूजा और श्राद्ध कर्म करना लाभदायक रहेगा। राहुकाल तथा अशुभ काल के दौरान महत्त्वपूर्ण काम टालना ही श्रेष्ठ है।
यह पंचांग और मुहूर्त सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तियों के ग्रहों की चाल, जन्मकुंडली व स्थानीय स्थिति के अनुसार समय और शुभ-अशुभ परिणाम भिन्न हो सकते हैं। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के लिए स्थानीय पंडित या ज्ञात ज्योतिष से पुष्टि अवश्य करें।
