By: Vikash kumar (vicky)
आज 28 फरवरी 2026, शनिवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष में आने वाला यह दिन पूजा-पाठ, शुभ कार्य और निवेश के लिए महत्वपूर्ण संकेत दे रहा है। पंचांग के अनुसार किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले आज की तिथि, नक्षत्र, योग, करण और राहुकाल जान लेना आवश्यक है। आइए विस्तार से जानते हैं आज का पंचांग और ग्रहों की चाल।

आज की तिथि और वार
आज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है। शनिवार का दिन न्याय के देवता शनि देव को समर्पित होता है। इस दिन शनि से जुड़े उपाय और दान-पुण्य विशेष फलदायी माने जाते हैं। द्वादशी तिथि को भगवान विष्णु की पूजा भी शुभ मानी जाती है।

आज का नक्षत्र
आज चंद्रमा के प्रभाव से नक्षत्र परिवर्तन की स्थिति बन सकती है। दिन की शुरुआत में एक नक्षत्र रहेगा और निर्धारित समय के बाद दूसरा नक्षत्र प्रभावी हो सकता है। नक्षत्र के अनुसार यात्रा, निवेश और मांगलिक कार्यों का निर्णय लेना लाभकारी रहता है।

आज का योग और करण
आज बनने वाला योग कार्यों की सफलता और मानसिक संतुलन पर प्रभाव डाल सकता है। करण के अनुसार दिन के अलग-अलग समय में शुभ और सामान्य फल मिल सकते हैं। शुभ योग में किए गए कार्यों में बाधाएं कम आती हैं।

आज का शुभ मुहूर्त
विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण, वाहन खरीद या नया व्यवसाय शुरू करने से पहले शुभ मुहूर्त देखना आवश्यक है। आज अभिजीत मुहूर्त दोपहर के समय पड़ सकता है, जो सामान्य रूप से सभी प्रकार के कार्यों के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। इसके अतिरिक्त ब्रह्म मुहूर्त प्रातः काल में साधना और पूजा के लिए उत्तम रहेगा।

आज का राहुकाल
शनिवार के दिन राहुकाल प्रातः से मध्याह्न के बीच निर्धारित समय में पड़ता है। राहुकाल के दौरान नए और शुभ कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए। हालांकि नियमित कार्य जारी रखे जा सकते हैं। राहुकाल का समय क्षेत्र के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है।

आज ग्रहों की स्थिति
आज चंद्रमा की स्थिति मन और भावनाओं को प्रभावित करेगी। सूर्य, बुध और शुक्र की स्थिति कार्यक्षेत्र और सामाजिक जीवन में असर डाल सकती है। शनि की दृष्टि से जुड़े कार्यों में सावधानी और धैर्य आवश्यक रहेगा। ग्रहों की चाल के अनुसार आज संयम और योजना बनाकर चलना लाभकारी रहेगा।
आज के दिन क्या करें
शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाना शुभ माना जाता है। जरूरतमंदों को काले तिल या उड़द दाल का दान करना लाभदायक हो सकता है। विष्णु और शनि मंत्रों का जाप मानसिक शांति प्रदान करेगा।
यह पंचांग सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है। स्थानीय समय और स्थान के अनुसार तिथि, नक्षत्र और राहुकाल में परिवर्तन संभव है। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से पहले अपने स्थानीय पंचांग या ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य करें।
