By:vikash kumar (vicky)
सनातन परंपरा में इष्ट देव की अवधारणा बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इष्ट देव वह देवता होते हैं जिनकी उपासना से व्यक्ति को मानसिक शांति, आत्मबल और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। कई लोग अपने कुलदेवता की पूजा करते हैं, तो कुछ अपनी जन्मतिथि, राशि या ग्रह स्थिति के अनुसार इष्ट देव का चयन करते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जन्मतिथि के अंक आपके स्वभाव, ग्रह प्रभाव और आध्यात्मिक झुकाव को दर्शाते हैं। यदि आप अपनी जन्मतिथि के अनुसार इष्ट देव की उपासना करते हैं, तो जीवन की बाधाएं कम हो सकती हैं और भाग्य का साथ मिलने लगता है। आइए जानें जन्मतिथि के आधार पर आपका इष्ट देव कौन हो सकता है।

जन्मतिथि 1, 10, 19, 28
इन तिथियों में जन्म लेने वालों पर सूर्य का प्रभाव माना जाता है। ऐसे जातकों के लिए सूर्य देव या भगवान विष्णु की उपासना शुभ मानी जाती है। नियमित सूर्य को अर्घ्य देने और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़ती है।
जन्मतिथि 2, 11, 20, 29
इन लोगों पर चंद्रमा का प्रभाव रहता है। ऐसे जातकों के लिए भगवान शिव की आराधना लाभकारी मानी जाती है। सोमवार का व्रत और शिवलिंग पर जल अर्पित करना मानसिक शांति देता है।
जन्मतिथि 3, 12, 21, 30
इन तिथियों में जन्म लेने वालों पर गुरु ग्रह का प्रभाव होता है। इनके लिए भगवान विष्णु या बृहस्पति देव की पूजा शुभ मानी जाती है। गुरुवार का व्रत और पीले वस्त्र धारण करना लाभकारी हो सकता है।

जन्मतिथि 4, 13, 22, 31
इन जातकों पर राहु का प्रभाव माना जाता है। इनके लिए देवी दुर्गा या भगवान भैरव की आराधना शुभ फलदायी मानी जाती है। नवरात्रि में विशेष पूजा लाभ देती है।
जन्मतिथि 5, 14, 23
इन लोगों पर बुध ग्रह का प्रभाव रहता है। ऐसे जातकों के लिए भगवान गणेश की उपासना अत्यंत शुभ मानी जाती है। हर बुधवार गणेश मंत्र का जाप करने से बुद्धि और वाणी में सुधार आता है।
जन्मतिथि 6, 15, 24
इन तिथियों में जन्म लेने वालों पर शुक्र का प्रभाव रहता है। मां लक्ष्मी की आराधना इनके लिए विशेष लाभकारी होती है। शुक्रवार को लक्ष्मी पूजन से आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।
जन्मतिथि 7, 16, 25
इन जातकों पर केतु का प्रभाव माना जाता है। भगवान शिव या भगवान गणेश की उपासना शुभ रहती है। ध्यान और साधना से आध्यात्मिक उन्नति मिलती है।

जन्मतिथि 8, 17, 26
इन लोगों पर शनि का प्रभाव रहता है। इनके लिए शनिदेव और हनुमान जी की पूजा लाभकारी मानी जाती है। शनिवार को सरसों का तेल चढ़ाना और हनुमान चालीसा का पाठ शुभ फल देता है।
जन्मतिथि 9, 18, 27
इन जातकों पर मंगल का प्रभाव रहता है। इनके लिए हनुमान जी या मां दुर्गा की आराधना शुभ मानी जाती है। मंगलवार का व्रत और सुंदरकांड का पाठ लाभकारी हो सकता है।
इष्ट देव की आराधना केवल विधि से नहीं, बल्कि सच्चे मन और श्रद्धा से करनी चाहिए। नियमित पूजा, मंत्र जाप और सकारात्मक सोच से जीवन में सुख-शांति और सफलता का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। ध्यान रखें कि यह सामान्य ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित मार्गदर्शन है। व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार इष्ट देव भिन्न हो सकते हैं।

यह लेख ज्योतिषीय मान्यताओं और पारंपरिक विश्वासों पर आधारित है। इसे किसी प्रकार की निश्चित भविष्यवाणी या आध्यात्मिक समाधान का अंतिम विकल्प न मानें। व्यक्तिगत सलाह के लिए योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श लें।
