देवघर। देवीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बरियारपुर गांव में आपसी विवाद को लेकर हुई मारपीट की घटना में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को परिजनों एवं ग्रामीणों की मदद से इलाज के लिए देवघर सदर अस्पताल लाया गया, जहां ऑन ड्यूटी चिकित्सक द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को वार्ड में भर्ती कर लिया गया है। घटना को लेकर गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है, हालांकि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है।

घटना के संबंध में घायल अजय पाठक ने बताया कि विवाद की शुरुआत एक दिन पूर्व बच्चों के बीच खेल-खेल में हुई मामूली कहासुनी से हुई थी। पड़ोस के बच्चे और उनके बच्चे आपस में खेल रहे थे, इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बच्चों में झगड़ा हो गया। बच्चों के बीच हो रहे विवाद को देखकर दोनों परिवारों के बड़े मौके पर पहुंचे और समझा-बुझाकर बच्चों को अलग कर दिया गया। उस समय मामला शांत हो गया था और किसी भी प्रकार की मारपीट नहीं हुई थी।
लेकिन घायल अजय पाठक के अनुसार, बच्चों के बीच हुए उसी विवाद को लेकर दूसरे पक्ष के लोग रंजिश पाल बैठे। उन्होंने आरोप लगाया कि अगले ही दिन सुबह उनके पड़ोसी अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अचानक उनके घर में घुस आए और बिना किसी पूर्व चेतावनी के लाठी-डंडे से हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से घर के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही मारपीट शुरू हो गई।
अजय पाठक ने बताया कि हमले में उनके भाई इंद्रदेव पाठक के सिर पर लाठी से वार किया गया, जिससे उनका सिर फट गया और वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। भाई को गंभीर हालत में देखकर जब अजय पाठक बीच-बचाव करने पहुंचे तो हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट की, जिससे उन्हें भी गंभीर चोटें आईं। शोर-शराबा सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया।
ग्रामीणों की तत्परता से एक बड़ी अनहोनी टल गई। इसके बाद दोनों घायलों को तत्काल देवघर सदर अस्पताल लाया गया। अस्पताल में मौजूद चिकित्सक ने दोनों घायलों का प्राथमिक उपचार कर स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें वार्ड में भर्ती कर लिया। डॉक्टरों के अनुसार, इंद्रदेव पाठक के सिर में गंभीर चोट लगी है, हालांकि फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। अजय पाठक को भी हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं।

घटना की जानकारी देवीपुर थाना पुलिस को दे दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस द्वारा घायलों का बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। थाना प्रभारी ने बताया कि आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले में दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है और आरोपियों की पहचान कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच पहले भी छोटे-मोटे विवाद होते रहे हैं, लेकिन इस तरह की हिंसक घटना पहली बार सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के मामूली झगड़े को लेकर बड़ों द्वारा इस तरह की हरकत करना बेहद निंदनीय है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
घटना के बाद बरियारपुर गांव में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। हालांकि पुलिस की सक्रियता और ग्रामीणों की समझदारी से स्थिति को संभाल लिया गया। फिलहाल गांव में शांति बनी हुई है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन नजर बनाए हुए है।
देवघर सदर अस्पताल में इलाजरत घायलों के परिजनों का कहना है कि वे न्याय की मांग करेंगे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए पुलिस को लिखित आवेदन देंगे। उनका आरोप है कि हमलावरों ने जान से मारने की नीयत से हमला किया था।
बहरहाल, यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि छोटे-छोटे घरेलू और बच्चों से जुड़े विवाद किस तरह गंभीर हिंसा का रूप ले लेते हैं। प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि ऐसे मामलों को समय रहते सुलझाया जाए, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और निर्दोष लोग हिंसा का शिकार न हों।

