देवघर। मोहनपुर थाना क्षेत्र के तिउर नगर गांव की रहने वाली एक पीड़ित महिला ने अपने पुत्र की संदिग्ध मौत को हत्या बताते हुए देवघर के पुलिस अधीक्षक को आवेदन समर्पित कर न्याय की गुहार लगाई है। महिला का आरोप है कि उसके पुत्र को साजिश के तहत पिकनिक के बहाने घर से बुलाकर ले जाया गया और त्रिकुट पर्वत के समीप एक तालाब में उसकी हत्या कर शव फेंक दिया गया। मामले में अब तक स्थानीय थाना द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से पीड़ित परिवार में भय और आक्रोश का माहौल है।
पीड़िता उर्मिला देवी (52 वर्ष), पति जनार्दन महतो, ग्राम तिउर नगर, थाना मोहनपुर ने एसपी देवघर को दिए आवेदन में बताया है कि उनके पुत्र विजय यादव को गांव के ही कुछ लोगों ने पिकनिक का झांसा देकर घर से बाहर बुलाया था। आरोप के अनुसार, कारू पुजहर उर्फ सुखदेव पुजहर (ग्राम तिउर नगर), सरजू पुजहर उर्फ सुरन पुजहर (पिता स्व. मिठु पुजहर) एवं गोबिंद पुजहर (पिता स्व. कानू पुजहर), दोनों ग्राम सिरसा नूनथर, थाना मोहनपुर ने उनके पुत्र को बहला-फुसलाकर त्रिकुट पर्वत की ओर ले गए।

पीड़िता ने अपने आवेदन में बताया है कि त्रिकुट पर्वत के समीप पहले से ही उनके गोतिया (रिश्तेदार) महेंद्र यादव एवं मधुसूदन यादव (दोनों पिता बालेश्वर यादव), प्रकाश यादव (पिता योगेंद्र यादव), राजेश यादव एवं शैलेन्द्र यादव (दोनों पिता मधुसूदन यादव), सभी ग्राम अघनुआ, थाना मोहनपुर के निवासी, उनके पुत्र के साथ विवाद को लेकर घात लगाए बैठे थे। पूर्व से चले आ रहे पारिवारिक विवाद के कारण इन लोगों ने साजिश के तहत पुजहर समाज के लोगों की मदद लेकर उनके पुत्र को मौत के घाट उतार दिया।
उर्मिला देवी का आरोप है कि पिकनिक मनाने के बाद जब सभी लोग घर लौट रहे थे, उसी दौरान त्रिकुट पहाड़ के पास स्थित महेंद्र सिंह के तालाब में उनके पुत्र विजय यादव की बेरहमी से हत्या कर दी गई और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को उसी तालाब में फेंक दिया गया। बाद में तालाब से शव मिलने के बाद भी पूरे मामले को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत बताकर दबाने का प्रयास किया गया।
पीड़िता ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि घटना के बाद से लगातार मोहनपुर थाना का चक्कर लगाने के बावजूद पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। न तो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और न ही मामले की निष्पक्ष जांच शुरू की गई है। इससे आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और वे खुलेआम पीड़ित परिवार को धमकी दे रहे हैं।
पीड़ित महिला के अनुसार, विपक्षी लोग लगातार यह कहकर धमका रहे हैं कि यदि ज्यादा थाना-पुलिस की दौड़ लगाई गई तो पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा। इस धमकी के कारण पूरा परिवार भय के साये में जीवन जीने को मजबूर है। पीड़िता का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता।

न्याय की आस में पीड़ित महिला ने अंततः पुलिस अधीक्षक, देवघर से गुहार लगाई है कि उनके पुत्र की मौत की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही पूरे मामले में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि दोषियों को सजा मिल सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
स्थानीय लोगों का भी कहना है कि यह मामला केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या का प्रतीत होता है। गांव में चर्चा है कि मृतक विजय यादव का अपने गोतिया पक्ष से जमीन और पारिवारिक विवाद को लेकर लंबे समय से तनाव चल रहा था। ऐसे में पिकनिक के बहाने बुलाकर हत्या किए जाने की आशंका को नकारा नहीं जा सकता।
फिलहाल पीड़ित परिवार एसपी देवघर के हस्तक्षेप की प्रतीक्षा कर रहा है। अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन इस गंभीर आरोप को कितनी गंभीरता से लेता है और कब तक पीड़ित महिला को न्याय मिल पाता है।

