
By: Vikash Kumar(Vicky)
देवघर। जिले के रिखिया थाना क्षेत्र अंतर्गत मलाहरा गांव में एक किशोरी द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। इस हृदयविदारक घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतिका की पहचान नेहा कुमारी के रूप में की गई है। सूचना मिलने के बाद रिखिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए देवघर सदर अस्पताल भेजा, जहां मंगलवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
देर रात कमरे में फांसी लगाकर दी जान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना सोमवार देर रात की है। नेहा कुमारी ने अपने घर के कमरे को अंदर से बंद कर फांसी लगा ली। काफी देर तक जब वह कमरे से बाहर नहीं निकली तो परिजनों को संदेह हुआ। दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण परिजनों ने इसकी सूचना तुरंत रिखिया थाना पुलिस को दी। सूचना पाकर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर कमरे के अंदर दाखिल हुई, जहां किशोरी का शव फंदे से लटका मिला।
पिता ने जताई मोबाइल मैसेज से परेशान होने की बात
मृतिका के पिता लखन रावत ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उनकी बेटी को पिछले कुछ दिनों से एक लड़का लगातार मोबाइल फोन पर मैसेज कर रहा था। उन्होंने आशंका जताई कि इसी कारण नेहा मानसिक रूप से परेशान चल रही थी। परिजनों का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि यह परेशानी इतनी गंभीर हो जाएगी कि उनकी बेटी यह कदम उठा लेगी।
गांव में मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
घटना की खबर फैलते ही मलाहरा गांव में मातम छा गया। मृतिका के घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि नेहा स्वभाव से शांत और मिलनसार लड़की थी और पढ़ाई में भी ठीक-ठाक थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इस तरह का कदम उठा सकती है।
पुलिस ने शुरू की जांच, मोबाइल फोन खंगालने की तैयारी
रिखिया थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतिका के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल्स की जांच की जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उसे किस तरह के मैसेज भेजे जा रहे थे और किस व्यक्ति से वह संपर्क में थी। जरूरत पड़ने पर संबंधित व्यक्ति से पूछताछ भी की जाएगी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आत्महत्या के कारणों की गहन जांच की जा रही है और हर पहलू पर नजर रखी जा रही है।

आत्महत्या जैसे मामलों पर चिंता
इस घटना ने एक बार फिर किशोरियों की मानसिक स्थिति और मोबाइल फोन के दुरुपयोग को लेकर चिंता बढ़ा दी है। लगातार आ रहे मैसेज, मानसिक दबाव और डर कई बार बच्चों को गंभीर कदम उठाने के लिए मजबूर कर देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अभिभावकों को बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ उनसे खुलकर बातचीत करनी चाहिए, ताकि समय रहते किसी भी समस्या का समाधान निकाला जा सके।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे मामलों में दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पुलिस का बयान
रिखिया थाना प्रभारी ने बताया कि “मामले की जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है। मृतिका के परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। मोबाइल से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।”
संवेदनशील मामला, समाज की जिम्मेदारी
यह घटना न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है। किशोर-किशोरियों की मानसिक स्थिति, सोशल मीडिया और मोबाइल फोन के प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। समय पर संवाद, सहयोग और सही मार्गदर्शन ही ऐसी घटनाओं को रोकने का एकमात्र उपाय है।
