By:vikash kumar (vicky)
आजकल कम उम्र में भी दिल से जुड़ी गंभीर समस्याओं के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अचानक गिरकर मौत हो जाने की घटनाओं को अक्सर लोग हार्ट अटैक समझ लेते हैं, जबकि कई मामलों में यह सडन कार्डियक अरेस्ट होता है। दोनों स्थितियां दिल से जुड़ी हैं, लेकिन इनका कारण, लक्षण और इलाज अलग-अलग होता है। सही समय पर पहचान और तुरंत कार्रवाई कई बार किसी की जान बचा सकती है। आइए विस्तार से समझते हैं सडन कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक में क्या अंतर है और आपात स्थिति में क्या करना चाहिए।

हार्ट अटैक क्या होता है
Myocardial infarction जिसे सामान्य भाषा में हार्ट अटैक कहा जाता है, तब होता है जब हृदय की किसी धमनी में ब्लॉकेज आ जाता है। इस रुकावट के कारण हृदय की मांसपेशियों तक रक्त और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। यदि समय पर इलाज न मिले तो हृदय की मांसपेशियां क्षतिग्रस्त हो सकती हैं।
हार्ट अटैक के प्रमुख लक्षण
सीने में दर्द या भारीपन
बाएं हाथ, कंधे, गर्दन या जबड़े में दर्द
सांस लेने में तकलीफ
अत्यधिक पसीना आना
मतली या उल्टी
घबराहट और बेचैनी
हार्ट अटैक के लक्षण कई बार धीरे-धीरे शुरू होते हैं और व्यक्ति कुछ समय तक सचेत रहता है।

सडन कार्डियक अरेस्ट क्या होता है
Sudden cardiac arrest एक अचानक होने वाली स्थिति है, जिसमें दिल की धड़कन अचानक बंद हो जाती है। यह हृदय की विद्युत प्रणाली में गड़बड़ी के कारण होता है। इसमें व्यक्ति अचानक बेहोश होकर गिर जाता है और यदि तुरंत उपचार न मिले तो कुछ ही मिनटों में मौत हो सकती है।
कार्डियक अरेस्ट के प्रमुख संकेत
अचानक बेहोशी
नाड़ी का महसूस न होना
सांस का बंद हो जाना
कोई प्रतिक्रिया न देना
यह स्थिति बिना चेतावनी के भी हो सकती है और तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है।

दोनों में मुख्य अंतर
हार्ट अटैक ब्लॉकेज के कारण होता है, जबकि कार्डियक अरेस्ट दिल की धड़कन रुकने से होता है। हार्ट अटैक में व्यक्ति अक्सर सचेत रहता है, जबकि कार्डियक अरेस्ट में व्यक्ति तुरंत बेहोश हो जाता है। हार्ट अटैक कभी-कभी कार्डियक अरेस्ट का कारण भी बन सकता है, लेकिन दोनों एक ही चीज नहीं हैं।
आपात स्थिति में क्या करें
यदि किसी को हार्ट अटैक के लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल ले जाएं। देरी न करें।
यदि व्यक्ति अचानक गिर जाए, सांस न ले रहा हो और नाड़ी न मिल रही हो, तो तुरंत सीपीआर शुरू करें।
Cardiopulmonary resuscitation यानी सीपीआर जीवन बचाने की प्राथमिक तकनीक है।
यदि आसपास एईडी मशीन उपलब्ध हो तो उसका उपयोग करें।
Automated external defibrillator दिल की धड़कन को सामान्य करने में मदद कर सकता है।
एम्बुलेंस को तुरंत कॉल करें और चिकित्सा सहायता आने तक प्रयास जारी रखें।

किन लोगों को अधिक खतरा
उच्च रक्तचाप
डायबिटीज
उच्च कोलेस्ट्रॉल
धूम्रपान
मोटापा
परिवार में हृदय रोग का इतिहास
अत्यधिक तनाव और असंतुलित जीवनशैली
बचाव के उपाय
नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं
संतुलित और पौष्टिक आहार लें
रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें
धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं
तनाव को नियंत्रित करने के लिए योग और ध्यान करें
पर्याप्त नींद लें
दिल की बीमारियों से बचाव के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। सही जानकारी और समय पर कार्रवाई से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। इसलिए लक्षणों को नजरअंदाज न करें और आपात स्थिति में तुरंत कदम उठाएं।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी लक्षण या स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में तुरंत योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।
